बिहार कैबिनेट के बड़े फैसले: 30 एजेंडों को मंजूरी, पटना में ताज सिटी सेंटर और बहादुरपुर कॉलोनी का होगा पुनर्विकास

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BNT Desk: बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक में कुल 30 एजेंडों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में हरित हाइड्रोजन नीति-2026, बिजली व्यवस्था के विस्तार, कानून-व्यवस्था को मजबूत करने, संग्रहालयों में कर्मचारियों की नियुक्ति और पटना में आवासीय परियोजनाओं के पुनर्विकास जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। इसके साथ ही राजधानी पटना में ताज सिटी सेंटर बनाए जाने की योजना भी चर्चा में है। कैबिनेट के फैसलों से राज्य में बुनियादी सुविधाओं, ऊर्जा, आवास और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई क्षेत्रों में बदलाव की तैयारी की गई है।

 

बिहार हरित हाइड्रोजन नीति-2026 को मंजूरी

कैबिनेट बैठक में राज्य में हरित हाइड्रोजन के उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिहार हरित हाइड्रोजन नीति-2026 के ड्राफ्ट को मंजूरी दी गई। इस नीति का उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा के विकल्पों को प्रोत्साहित करना और भविष्य में हरित हाइड्रोजन से जुड़े निवेश की संभावनाओं को बढ़ाना है। हरित हाइड्रोजन को ऊर्जा क्षेत्र में प्रदूषण कम करने के संभावित विकल्पों में शामिल किया जाता है। इस दिशा में नीति तैयार होने से राज्य में संबंधित उद्योगों और ऊर्जा परियोजनाओं के विकास का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, नीति के तहत निवेश, उत्पादन क्षमता और परियोजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ी विस्तृत जानकारी अलग से सामने आने पर स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।

 

कैमूर और रोहतास के 177 गांवों को बिजली से जोड़ने की योजना

कैबिनेट ने बिजली व्यवस्था से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसके तहत कैमूर और रोहतास जिले के 177 गांवों के 21,644 घरों को बिजली ग्रिड से जोड़ने के लिए पहले स्वीकृत योजना की लागत में संशोधन किया गया है।इस योजना की लागत पहले 117.80 करोड़ रुपये निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर अब 361.86 करोड़ रुपये कर दिया गया है। यह संशोधन पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना यानी RDSS के तहत किया गया है। इस परियोजना का उद्देश्य संबंधित गांवों और घरों तक बिजली की सुविधा पहुंचाना है। योजना के क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति के विस्तार और विद्युत नेटवर्क को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

 

 वजन और माप से जुड़े नियमों में बदलाव

बैठक में बिहार विधिक माप विज्ञान (GATC) नियमावली-2026 को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही वजन और माप से जुड़े नियमों के प्रवर्तन के लिए संशोधन नियमावली-2026 को भी स्वीकृति प्रदान की गई। विधिक माप विज्ञान के नियम बाजार में इस्तेमाल होने वाले वजन और माप के उपकरणों तथा उनसे संबंधित मानकों के नियमन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन नियमों का उद्देश्य निर्धारित मानकों के अनुसार वजन और माप की व्यवस्था को लागू करना है।

 

संग्रहालयों के संचालन के लिए 35 पदों पर नियुक्ति

बिहार के संग्रहालयों के संचालन को व्यवस्थित करने के लिए कैबिनेट ने 35 आवश्यक पदों पर नियुक्ति के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। ये नियुक्तियां 11 महीने के लिए की जाएंगी। इस प्रस्ताव में युद्ध संग्रहालय, दर्श-गृह, संग्रहालय, वैशाली स्थित स्मृति स्तूप सहित संग्रहालय निदेशालय और राजकीय संग्रहालयों के संचालन से संबंधित पद शामिल हैं। नियमित नियुक्ति होने तक इन पदों को संविदा या निविदा के आधार पर भरा जाएगा।इस फैसले से संबंधित संस्थानों में कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और दैनिक संचालन से जुड़े कार्यों को जारी रखने में सहायता मिलने की संभावना है।

 

कानून-व्यवस्था के लिए खरीदे जाएंगे 30 वाटर कैनन

राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से 30 नए वाटर कैनन और आठ नए वाहनों की खरीद के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। इस खरीद के लिए कुल 62.52 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। वाटर कैनन का इस्तेमाल कानून-व्यवस्था से जुड़ी विशेष परिस्थितियों में भीड़ नियंत्रण के लिए किया जाता है। नए वाहनों की खरीद से संबंधित विभागों की परिचालन क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

 

सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 के लिए PPP मॉडल

कैबिनेट ने सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 कार्यक्रम के तहत राशन से जुड़े खाद्य उत्पादों की आपूर्ति के लिए निर्माताओं और आपूर्तिकर्ताओं के चयन से संबंधित प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इसके लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी यानी PPP मॉडल के तहत 16 वर्षों की अवधि के लिए BOOT मॉडल अपनाया जाएगा। BOOT का पूरा नाम बिल्ड, ओन, ऑपरेट एंड ट्रांसफर है। इस व्यवस्था में संबंधित परियोजना को विकसित करने, उसका संचालन करने और निर्धारित शर्तों के अनुसार हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शामिल होती है।

 

बहादुरपुर की जर्जर कॉलोनी का होगा पुनर्विकास

पटना के बहादुरपुर सेक्टर-6 स्थित बिहार राज्य आवास बोर्ड की जर्जर कॉलोनी के पुनर्विकास के प्रस्ताव को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली है। इसके लिए NBCC (India) Ltd. के साथ समझौता ज्ञापन यानी MoU करने की स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा टीवी टावर के पास बहादुरपुर सेक्टर-5 में आवास बोर्ड की 8.5 एकड़ जमीन पर स्व-वित्तपोषित परियोजना विकसित करने की योजना है। इस परियोजना के लिए NBCC के साथ समझौता करने और इससे संबंधित आवश्यक निर्णय लेने के लिए बिहार राज्य आवास बोर्ड को अधिकृत किया गया है। इस योजना का उद्देश्य उपलब्ध जमीन के उपयोग और आवासीय क्षेत्र के पुनर्विकास से जुड़ी संभावनाओं को आगे बढ़ाना है।

 

पटना में ताज सिटी सेंटर बनाने की योजना

कैबिनेट बैठक के बाद पटना में ताज सिटी सेंटर के निर्माण की योजना भी प्रमुख चर्चा में रही। राजधानी में इस परियोजना के विकसित होने से होटल और आतिथ्य क्षेत्र से जुड़ी सुविधाओं के विस्तार की संभावना है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में परियोजना की कुल लागत, निर्माण स्थल, निर्माण अवधि और संचालन शुरू होने की तारीख का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। इन बिंदुओं पर आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद परियोजना की रूपरेखा और स्पष्ट होगी।

 

30 प्रस्तावों को मिली मंजूरी

बिहार कैबिनेट की इस बैठक में कुल 30 एजेंडों को मंजूरी दी गई। इनमें ऊर्जा नीति, ग्रामीण बिजली व्यवस्था, विधिक माप विज्ञान, संग्रहालयों के संचालन, कानून-व्यवस्था, पोषण कार्यक्रम और शहरी आवासीय परियोजनाओं से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं। इन फैसलों के क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों को आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करनी होगी। आने वाले समय में विभिन्न योजनाओं की समयसीमा, बजट के इस्तेमाल और परियोजनाओं की प्रगति से संबंधित जानकारी महत्वपूर्ण होगी।

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