BNT Desk: केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने पिछले कुछ दिनों से चल रही राजनीतिक अटकलों पर पूरी तरह से विराम लगा दिया है। सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर थी कि चिराग अपनी मां, रीना पासवान को राज्यसभा भेजने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, चिराग ने इन खबरों को सिरे से खारिज करते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है।
राजनीतिक अटकलों का खंडन
हाल ही में मीडिया से बात करते हुए चिराग पासवान ने साफ तौर पर कहा कि उनकी मां रीना पासवान का सक्रिय राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्यसभा सीट के लिए उनकी मां के नाम की जो चर्चा हो रही है, वह केवल अफवाह है। चिराग ने जोर देकर कहा कि परिवार के भीतर इस तरह का कोई निर्णय नहीं लिया गया है और न ही उनकी मां की ऐसी कोई इच्छा है।
“माँ राजनीति से दूर रहना चाहती हैं”
चिराग पासवान ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी मां ने हमेशा परिवार को संभाला है और वे अपने आप को सक्रिय राजनीति से दूर रखना चाहती हैं। चिराग के अनुसार, “मेरी माँ की प्राथमिकता हमेशा से घर और परिवार रही है। वे दिवंगत रामविलास पासवान जी के साथ एक मजबूत स्तंभ की तरह खड़ी रहीं, लेकिन उन्होंने कभी खुद को चुनावी राजनीति या पद की होड़ में शामिल नहीं किया।” उन्होंने आगे बताया कि उनकी माँ वर्तमान में भी केवल उनके मार्गदर्शक के रूप में साथ हैं, न कि एक राजनेता के रूप में।
पार्टी के भीतर अन्य नामों पर विचार
चूंकि बिहार में राज्यसभा की खाली सीटों को लेकर हलचल तेज है, ऐसे में चिराग ने संकेत दिया है कि पार्टी अपने समर्पित कार्यकर्ताओं और अनुभवी नेताओं के नामों पर विचार कर सकती है। चिराग का मानना है कि पार्टी में कई ऐसे चेहरे हैं जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी संगठन का साथ दिया है, और राज्यसभा जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए उन्हें मौका देना ज्यादा उचित होगा।
चिराग का विजन और नेतृत्व
अपनी माँ के राजनीति में न आने की घोषणा करके चिराग ने एक बार फिर यह संदेश देने की कोशिश की है कि वे ‘परिवारवाद’ के आरोपों से बचकर मेरिट के आधार पर राजनीति करना चाहते हैं। जहां विपक्षी दल अक्सर उन पर परिवार को प्राथमिकता देने का आरोप लगाते हैं, वहां चिराग का यह कदम उनकी छवि को एक परिपक्व नेता के रूप में पेश करता है। वे फिलहाल अपना पूरा ध्यान आगामी बिहार विधानसभा चुनावों और केंद्र सरकार में मिली अपनी जिम्मेदारियों पर केंद्रित करना चाहते हैं।