BNT Desk: बिहार विधानसभा में उस समय माहौल बेहद भावुक हो गया जब सहरसा के विधायक आईपी गुप्ता ने तीन साल की मासूम बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म का मामला सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि यह घटना सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की अंतरात्मा को झकझोर देने वाली है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाए।
“अब तक नहीं मिला न्याय”
विधायक ने कहा कि घटना के बाद भी पीड़िता को अब तक न्याय नहीं मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई गई। आईपी गुप्ता ने कहा कि जब इतनी छोटी बच्ची के साथ दरिंदगी होती है और न्याय में देरी होती है, तो इससे समाज में गलत संदेश जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर न्याय मिलने में इतनी देरी क्यों हो रही है।
जाति के आधार पर भेदभाव का आरोप
सदन में बोलते-बोलते आईपी गुप्ता भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि पीड़िता ततवाँ समुदाय से आती है और कहीं न कहीं इसी वजह से उसे न्याय मिलने में देरी हो रही है। उन्होंने दुख जताते हुए कहा, “मुझे दुख होता है कि मैं ततवाँ में पैदा हो गया।” उनका यह बयान सामाजिक असमानता और भेदभाव को लेकर गहरी पीड़ा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था में किसी भी तरह का जातिगत भेदभाव स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।
हाथ जोड़कर की अपील
आईपी गुप्ता ने सदन में हाथ जोड़कर कहा, “प्लीज उस बेटी को न्याय दे दीजिए।” उनके इस भावुक अनुरोध ने पूरे सदन को गंभीर कर दिया। उन्होंने सरकार से मांग की कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सख्त सजा दिलाई जाए और मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराई जाए।
सरकार से संवेदनशीलता की मांग
विधायक ने कहा कि ऐसे मामलों में राजनीति नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनशीलता की जरूरत है। उन्होंने पीड़ित परिवार को सुरक्षा और आर्थिक सहायता देने की भी मांग की। यह मामला एक बार फिर कानून-व्यवस्था और सामाजिक न्याय की स्थिति पर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि सरकार इस पर कितनी तेजी और गंभीरता से कार्रवाई करती है।