BNT Desk: बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ राजद नेता राबड़ी देवी ने राज्य की वर्तमान कानून व्यवस्था और शराबबंदी कानून को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। विधानसभा परिसर में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने सरकार को संवेदनहीन बताते हुए कई गंभीर आरोप लगाए।
कानून व्यवस्था पर तीखे सवाल
राबड़ी देवी ने बिहार में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में शासन नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। उन्होंने सीधे तौर पर सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि बिहार में हर दिन मासूम बच्चियों के साथ बलात्कार जैसी जघन्य वारदातें हो रही हैं। हत्या, लूट और बलात्कार की घटनाओं ने आम जनता के मन में डर पैदा कर दिया है, लेकिन सरकार इन मुद्दों पर खामोश बैठी है।
“राम राज्य” के नारे पर तंज
सत्ता पक्ष द्वारा अक्सर दिए जाने वाले ‘राम राज्य’ के हवाले पर तंज कसते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कैसा राम राज्य है जहाँ अपराधी बेलगाम हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक तरफ सुशासन और राम राज्य की बात करती है, तो दूसरी तरफ रोज हत्याएं और बलात्कार हो रहे हैं। उनके अनुसार, दावों और हकीकत के बीच एक बड़ी खाई बन चुकी है जिसे भरने में सरकार पूरी तरह विफल रही है।
शराबबंदी: “हर जगह मिल रही शराब”
बिहार में लागू शराबबंदी कानून पर भी राबड़ी देवी ने बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने कानून की समीक्षा की मांग करते हुए कहा कि राज्य में शराबबंदी केवल कागजों पर सिमट कर रह गई है।
- उपलब्धता पर सवाल: उन्होंने कहा कि बिहार में शराब बंद कहाँ है? यह हर जगह आसानी से उपलब्ध है।
- सरकार को सलाह: उन्होंने सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करने और जमीनी हकीकत को देखते हुए कानून की समीक्षा करने की सलाह दी।
विपक्ष का हंगामा और मांग
राबड़ी देवी के इन बयानों के बाद विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राजद और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार अपराध नियंत्रण में नाकाम रही है और पुलिस प्रशासन केवल शराब खोजने में लगा है, जबकि अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं। विपक्ष ने मांग की है कि मुख्यमंत्री स्वयं इन घटनाओं का संज्ञान लें और कानून व्यवस्था को सुधारने के लिए कड़े कदम उठाएं।