BNT Desk: पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ (PUSU) चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हैं, लेकिन इस बीच पटना विमेंस कॉलेज (PWC) के बाहर हुए एक घटनाक्रम ने चुनावी माहौल को तनावपूर्ण कर दिया है। पुलिस ने अध्यक्ष पद के एक प्रमुख दावेदार को हिरासत में ले लिया है, जिससे छात्रों के बीच काफी आक्रोश देखा जा रहा है।
पटना विमेंस कॉलेज के बाहर हाई वोल्टेज ड्रामा
पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई जब पुलिस ने अध्यक्ष पद के उम्मीदवार अंचल कुमार को पटना विमेंस कॉलेज के गेट के बाहर से हिरासत में ले लिया। अंचल कुमार वहां चुनाव प्रचार या जनसंपर्क के लिए पहुंचे थे, लेकिन पहले से दर्ज एक शिकायत के आधार पर पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। इस कार्रवाई के बाद कॉलेज परिसर के बाहर छात्रों की भारी भीड़ जमा हो गई।
टिकट वितरण को लेकर ABVP में बगावत
इस पूरे विवाद की जड़ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के भीतर टिकट बंटवारे को लेकर है। अंचल कुमार ABVP से अध्यक्ष पद के सशक्त दावेदार माने जा रहे थे। विवाद तब शुरू हुआ जब:
- नामांकन का दावा: अंचल कुमार और उनके समर्थकों का कहना है कि उन्होंने पार्टी के निर्देशानुसार नामांकन दाखिल कर दिया था।
- अचानक बदलाव: नामांकन के बाद पार्टी ने अचानक रणनीति बदलते हुए अंचल की जगह किसी अन्य छात्रा को आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया।
- समर्थकों का आक्रोश: टिकट कटने से नाराज अंचल के समर्थकों ने ABVP कार्यालय पहुंचकर जमकर हंगामा किया और पार्टी नेतृत्व से जवाब मांगा कि नामांकन के बाद उम्मीदवार क्यों बदला गया।
पुलिसिया कार्रवाई और हिरासत की वजह
ABVP कार्यालय में हुए हंगामे और विरोध प्रदर्शन के बाद संगठन की ओर से पुलिस को इस घटना की आधिकारिक सूचना दी गई थी। कार्यालय में तोड़फोड़ या अनुशासनहीनता की आशंका को देखते हुए पुलिस ने मामला दर्ज किया था। इसी क्रम में, आज जब अंचल कुमार पटना विमेंस कॉलेज के पास दिखाई दिए, तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
छात्रों की प्रतिक्रिया और चुनावी भविष्य
अंचल कुमार के समर्थकों का आरोप है कि यह उनकी आवाज दबाने की कोशिश है। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराना उनका अधिकार है। फिलहाल पुलिस अंचल कुमार से पूछताछ कर रही है, लेकिन इस घटना ने PUSU चुनाव में ABVP के आंतरिक कलह को सार्वजनिक कर दिया है। अब देखना यह होगा कि इस गिरफ्तारी का चुनाव के नतीजों और छात्र मतों पर क्या असर पड़ता है।