बिहार में कानून-व्यवस्था पर राबड़ी देवी का बड़ा हमला, मैट्रिक छात्रा की आत्महत्या पर उठाए सवाल; दोषियों पर कार्रवाई की मांग

बिहार में बढ़ते अपराध और बदहाल कानून-व्यवस्था को लेकर राबड़ी देवी के नेतृत्व में विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने सरकार पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया। साथ ही, समय पर पहुंचने के बावजूद मैट्रिक छात्रा को परीक्षा केंद्र में प्रवेश न मिलने और उसकी आत्महत्या को लेकर प्रशासन पर तीखा हमला बोला।

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BNT Desk: बिहार की राजनीति में कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर गरमागरमी बढ़ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के नेतृत्व में विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यहां इस पूरे घटनाक्रम का संक्षिप्त विवरण दिया गया है:

बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर विपक्ष का हमला

राबड़ी देवी ने बिहार में बढ़ती रेप, हत्या और लूट की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में अपराधी बेलगाम हैं और सरकार सब कुछ देखकर भी ‘मूकदर्शक’ बनी हुई है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार जमीनी हकीकत सुधारने के बजाय अपनी पीठ थपथपाने में व्यस्त है। राबड़ी देवी ने स्पष्ट किया कि विपक्ष जनता की आवाज उठाना बंद नहीं करेगा और इन मुद्दों पर सदन से सड़क तक लड़ाई जारी रहेगी।

बेटियों की सुरक्षा और आवाज दबाने का आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन वे डरने वाली नहीं हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में बेटियों को डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है, पर राज्य की बेटियां अब जागरूक हैं और ऐसी धमकियों से पीछे नहीं हटेंगी।

मैट्रिक छात्रा की आत्महत्या पर सख्त रुख

हाल ही में मैट्रिक की एक छात्रा द्वारा परीक्षा केंद्र में प्रवेश न मिलने के कारण आत्महत्या किए जाने की घटना पर राबड़ी देवी बेहद भावुक और आक्रोशित दिखीं। उन्होंने कहा:

  1. नियमों में लचीलापन: यदि कोई परीक्षार्थी 2 से 5 मिनट की देरी से पहुंचता है, तो उसे प्रवेश देना चाहिए। इंसानियत और छात्र के भविष्य से बड़ा कोई नियम नहीं होता।
  2. दोषियों पर कार्रवाई: उन्होंने मांग की कि जिन अधिकारियों या कर्मचारियों की सख्ती की वजह से छात्रा को वापस लौटना पड़ा और उसने इतना बड़ा कदम उठाया, उन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

 

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