टेक हब बनेगा बिहार: सेमीकंडक्टर और GCC पॉलिसी 2026 को मिली मंजूरी

बिहार सरकार ने 'सेमीकंडक्टर' और 'GCC पॉलिसी 2026' को हरी झंडी दे दी है। IIT पटना में रिसर्च पार्क और India AI Impact Summit में हुए समझौतों के साथ राज्य अब पूर्वी भारत का बड़ा टेक्नोलॉजी हब बनने की राह पर है। इसका लक्ष्य वैश्विक निवेश और नवाचार को बढ़ावा देना है।

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BNT Desk: बिहार अब केवल खेती और श्रम शक्ति का केंद्र नहीं रहा, बल्कि यह पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के अगले ‘टेक्नोलॉजी हब’ के रूप में उभर रहा है। हाल ही में राज्य सरकार ने ‘बिहार GCC (Global Capability Centres) पॉलिसी 2026’ और ‘बिहार सेमीकंडक्टर पॉलिसी 2026’ को मंजूरी देकर अपनी तकनीक-आधारित महत्वाकांक्षाओं को स्पष्ट कर दिया है।

सेमीकंडक्टर और GCC पॉलिसी: एक बड़ा गेमचेंजर

बिहार सरकार की नई नीतियों का मुख्य उद्देश्य राज्य को वैश्विक निवेश के लिए तैयार करना है।

  1. Bihar Semiconductor Policy 2026: इस नीति के तहत चिप निर्माण और डिजाइनिंग के क्षेत्र में निवेश करने वाली कंपनियों को विशेष रियायतें दी जाएंगी। यह भारत के सेमीकंडक्टर मिशन में बिहार की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेगा।
  2. Bihar GCC Policy 2026: ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) को आकर्षित करके बिहार आईटी और सेवाओं के क्षेत्र में हजारों कुशल नौकरियां पैदा करने का लक्ष्य रख रहा है।

IIT पटना में ‘रिसर्च पार्क’ और नवाचार

नवाचार को बढ़ावा देने के लिए IIT पटना में एक अत्याधुनिक रिसर्च पार्क की स्थापना की गई है। यह पार्क केवल एक इमारत नहीं, बल्कि स्टार्टअप्स, उद्योग जगत और शिक्षाविदों के मिलन का केंद्र है। यहाँ होने वाले अनुसंधान का सीधा लाभ स्थानीय उद्योगों को मिलेगा, जिससे बिहार में ‘रिसर्च-आधारित’ विकास को गति मिलेगी।

India AI Impact Summit 2026: वैश्विक मंच पर बिहार

हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित India AI Impact Summit & Expo 2026 में बिहार ने अपनी तकनीकी क्षमता का दमदार प्रदर्शन किया। राज्य ने कई महत्वपूर्ण रणनीतिक एमओयू (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर के क्षेत्र में निवेश का रास्ता साफ करेंगे। वैश्विक दिग्गजों के साथ इस जुड़ाव से बिहार की छवि एक प्रोग्रेसिव स्टेट के रूप में मजबूत हुई है।

पूर्वी भारत का नया टेक द्वार

अपनी रणनीतिक स्थिति के कारण, बिहार पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के लिए प्रवेश द्वार का काम करता है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और नई नीतियों के साथ, राज्य अब बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों के साथ प्रतिस्पर्धा करने की तैयारी में है। सरकार का ध्यान ‘रिवर्स माइग्रेशन’ पर भी है, ताकि बिहार के प्रतिभाशाली युवा अपने ही राज्य में रहकर तकनीक की दुनिया में नाम कमा सकें।

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