राज्यसभा की 37 सीटों पर चुनाव का ऐलान: बिहार की 5 सीटों पर 16 मार्च को वोटिंग

चुनाव आयोग ने बिहार की 5 सहित देश की 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव की घोषणा की है। मतदान 16 मार्च को होगा और उसी दिन परिणाम आएंगे। बिहार में उपेंद्र कुशवाहा और हरिवंश नारायण सिंह जैसे नेताओं का कार्यकाल पूरा होने से सियासी जोड़-तोड़ और चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है।

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BNT Desk: देशभर में राज्यसभा की खाली हो रही सीटों को भरने के लिए चुनाव आयोग ने आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस बार कुल 37 सीटों पर चुनाव होने हैं, जिसमें बिहार की 5 सीटें भी शामिल हैं। यह चुनाव देश के कई बड़े राज्यों के राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करने वाला माना जा रहा है।

चुनाव का पूरा शेड्यूल

चुनाव आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया मार्च के महीने में पूरी की जाएगी।

  1. मतदान की तिथि: 16 मार्च को देशभर के संबंधित विधानसभा परिसरों में वोट डाले जाएंगे।
  2. मतगणना: परंपरा के अनुसार, 16 मार्च की शाम को ही वोटों की गिनती शुरू होगी और परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।
  3. अंतिम समय सीमा: पूरी चुनाव प्रक्रिया को 20 मार्च तक औपचारिक रूप से संपन्न कर लिया जाएगा।

राज्यों के अनुसार सीटों का विवरण

इस चुनाव में मुख्य रूप से चार बड़े राज्यों पर नजर रहेगी, जहाँ सीटों की संख्या सबसे अधिक है:

  1. महाराष्ट्र: यहाँ सबसे ज्यादा 7 सीटों पर चुनाव होंगे।
  2. तमिलनाडु: यहाँ 6 सीटों के लिए मतदान किया जाएगा।
  3. बिहार: प्रदेश की 5 सीटों पर सियासी मुकाबला देखने को मिलेगा।
  4. पश्चिम बंगाल: यहाँ भी 5 सीटों पर चुनाव की घोषणा की गई है। बाकी बची सीटें अन्य राज्यों के हिस्से में आती हैं।

बिहार की 5 सीटों का सियासी समीकरण

बिहार में जिन 5 सीटों पर चुनाव होने हैं, वे राज्य की राजनीति के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण हैं। इस बार राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह और दिग्गज नेता उपेंद्र कुशवाहा समेत कई अन्य माननीय सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इन सीटों के खाली होने से विधानसभा में विधायकों के संख्या बल के आधार पर नए नामों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। बिहार के राजनीतिक दल—बीजेपी, जेडीयू और आरजेडी—अपने-अपने उम्मीदवारों को लेकर आंतरिक मंथन में जुट गए हैं।

रणनीति और जोड़-तोड़ का दौर

राज्यसभा चुनाव की घोषणा होते ही सभी प्रमुख दलों में अपनी सीटें सुरक्षित करने की होड़ लग गई है। चूंकि राज्यसभा में विधायक वोट डालते हैं, इसलिए सत्तारूढ़ गठबंधन (NDA) और विपक्षी खेमे में अपने-अपने पक्ष में आंकड़ों को जुटाने के लिए रणनीति बनाई जा रही है। गठबंधन के भीतर भी छोटे दलों को साधने और सीटों के बंटवारे को लेकर गहन चर्चा चल रही है, ताकि कोई भी सीट हाथ से न निकले।

 

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