फुलवारी शरीफ में छात्रा की संदिग्ध मौत पर बवाल: एम्स गोलंबर जाम, पूर्व विधायक समेत 65 पर केस

पटना के फुलवारी शरीफ में 11वीं की छात्रा की मौत के बाद भारी आक्रोश फैला। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए एम्स गोलंबर पर 5 घंटे चक्का जाम किया। पुलिस ने प्रदर्शन के मामले में पूर्व विधायक गोपाल रविदास सहित 65 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की है।

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BNT Desk: पटना के फुलवारी शरीफ में एक 16 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके में तनाव पैदा कर दिया है। इस घटना ने न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि स्थानीय लोगों के गुस्से को भी भड़का दिया है।

छात्रा की मौत और परिजनों के गंभीर आरोप

ग्यारहवीं कक्षा में पढ़ने वाली 16 साल की इस छात्रा की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार का सीधा आरोप है कि उनकी बेटी की हत्या की गई है। परिजनों का कहना है कि उसे मारकर शव को छत से नीचे फेंक दिया गया ताकि इसे आत्महत्या का रूप दिया जा सके। पुलिस अभी इस मामले की गुत्थी सुलझाने में जुटी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

एम्स गोलंबर पर भारी बवाल और चक्का जाम

घटना के अगले दिन लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी एम्स (AIIMS) गोलंबर के पास जमा हो गए और मुख्य सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर अपना विरोध जताया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस विरोध प्रदर्शन के कारण करीब पांच घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

पुलिस की कार्रवाई और नेताओं पर FIR

हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। सड़क जाम करने और कानून हाथ में लेने के आरोप में पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस ने पूर्व विधायक गोपाल रविदास समेत 5 नामजद लोगों और करीब 60 अज्ञात प्रदर्शनकारियों पर मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि विरोध के नाम पर उपद्रव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

वर्तमान स्थिति और न्याय की मांग

इलाके में फिलहाल भारी पुलिस बल तैनात है। स्थानीय लोग छात्रा को न्याय दिलाने और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है और जल्द ही सच्चाई सामने आएगी।

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