BNT Desk: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने बड़ा संगठनात्मक फैसला लेते हुए तेजस्वी यादव को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया। शनिवार को राजद कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें आधिकारिक रूप से जिम्मेदारी सौंपी गई। इस दौरान समर्थकों ने उन्हें चांदी का मुकुट पहनाकर स्वागत किया। इस फैसले के बाद पार्टी की कमान औपचारिक रूप से लालू प्रसाद यादव की दूसरी पीढ़ी के हाथों में आ गई। इसे पार्टी में नेतृत्व बदलाव और भविष्य की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
तेजी से आगे बढ़ा तेजस्वी का राजनीतिक सफर
तेजस्वी यादव ने कम समय में राजनीति में मजबूत पहचान बनाई है। राजनीति में आने से पहले वे खेल जगत से जुड़े रहे। 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव के बाद वे सक्रिय राजनीति में आए। महागठबंधन सरकार में उपमुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने अपनी पहचान बनाई। 2020 विधानसभा चुनाव में राजद को सबसे बड़ी पार्टी बनाने में उनकी अहम भूमिका रही।
राजद कार्यालय पहुंचने पर हुआ भव्य स्वागत
राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद तेजस्वी यादव पहली बार राजद कार्यालय पहुंचे, जहां कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की बात कही। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य फिर से बिहार में राजद की सरकार बनाना है।
सरकार और सिस्टम पर साधा निशाना
अपने संबोधन में तेजस्वी यादव ने मौजूदा सरकार पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आज लोकतंत्र में “लोक” कमजोर हो गया है और केवल “तंत्र” बचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर फर्जी केस किए जा रहे हैं और उन्हें परेशान किया जा रहा है।
संगठन मजबूत करने की बनाई योजना
तेजस्वी यादव ने कहा कि होली के बाद वे देशभर में जाकर संगठन को मजबूत करेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने और पार्टी की विचारधारा को आम लोगों तक पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह लंबी लड़ाई है और आने वाले समय में बदलाव जरूर आएगा।