BNT Desk: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बिहार सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि NEET छात्रा की संदिग्ध मौत और उसके बाद की कार्रवाई ने सिस्टम की खामियां उजागर कर दी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के बजाय मामले को भटकाने और दबाने की कोशिश की गई।
गिरफ्तारी को बताया राजनीतिक प्रतिशोध
राहुल गांधी ने कहा कि पप्पू यादव छात्रा को न्याय दिलाने की आवाज उठा रहे थे, इसलिए उनकी गिरफ्तारी की गई। उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया और कहा कि जवाबदेही मांगने वाली आवाजों को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला सिर्फ एक घटना नहीं बल्कि एक खतरनाक पैटर्न की ओर इशारा करता है।
किस मामले में हुई गिरफ्तारी
पप्पू यादव की गिरफ्तारी 1995 में दर्ज एक पुराने मामले में हुई है। शास्त्री नगर थाना में दर्ज इस केस में कोर्ट ने 1996 में संज्ञान लिया था और 1998 में आरोप तय किए गए थे। आरोप है कि बार-बार समन के बावजूद पप्पू यादव कोर्ट में पेश नहीं हो रहे थे, जिसके बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
मकान विवाद से जुड़ा है मामला
मामले की शुरुआत 1994 से जुड़ी बताई जा रही है। आरोप है कि पप्पू यादव ने पटना में किराए पर मकान लिया था, लेकिन बाद में वहां राजनीतिक कार्यालय चलाने लगे। मकान मालिक ने इसे लेकर शिकायत दर्ज कराई थी।
अन्य आरोपी भी शामिल
इस मामले में शैलेंद्र प्रसाद और चंद्र नारायण प्रसाद को भी आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि आवासीय मकान को राजनीतिक और व्यावसायिक उपयोग में लाया गया। इसी लंबे समय से चल रहे केस में अब गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई है।