बजट सत्र का चौथा दिन बना सुर्खियों में, PPP मेडिकल कॉलेज से लेकर किसानों के मुद्दे तक गर्म हुई सियासत

बिहार विधानसभा के बजट सत्र में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज बनाने और विधायकों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा का बड़ा ऐलान किया। साथ ही, उन्होंने नीट छात्रा मामले में विपक्ष के आरोपों पर कड़ी चेतावनी देते हुए दोषियों को 24 घंटे में जेल भेजने की चुनौती दी।

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BNT Desk: बिहार विधानसभा के बजट सत्र का चौथा दिन आज काफी गहमागहमी भरा रहा। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जहाँ प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर एक बड़ा ऐलान किया, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के बयान पर पलटवार करते हुए बड़ी चेतावनी भी दी। दूसरी ओर, सदन के बाहर और अंदर विपक्ष ने किसानों के मुद्दे और धान खरीद को लेकर जमकर प्रदर्शन किया।

प्रदेश में अब PPP मोड पर बनेंगे मेडिकल कॉलेज

सदन की कार्यवाही के दौरान स्वास्थ्य विभाग का पक्ष रखते हुए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार अब बिहार में पीपीपी (Public Private Partnership) मोड पर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल बनाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने बताया कि बेतिया और मधेपुरा जैसे सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी की शिकायतें आ रही थीं, जिसके बाद सरकार ने यह नीति बनाई है। सम्राट चौधरी के अनुसार, सरकार काफी पैसा खर्च करती है लेकिन उसका सीधा लाभ जनता को नहीं मिल पाता, इसीलिए अब निजी भागीदारी के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया जाएगा।

राबड़ी देवी के बयान पर सम्राट चौधरी का पलटवार

सदन के बाहर मीडिया से बात करते हुए सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी द्वारा ‘नीट’ (NEET) के छात्रों को लेकर दिए गए बयान की कड़ी आलोचना की। उन्होंने खुले तौर पर चुनौती देते हुए कहा, “राबड़ी देवी जी जनता के बीच उन लोगों के नाम बताएं जो दोषी हैं। मैं गारंटी देता हूँ कि अगर किसी मंत्री या मंत्री के बेटे का नाम सामने आता है, तो मैं उसे 24 घंटे के अंदर जेल में डाल दूँगा।” इस बयान के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

किसानों के मुद्दे पर विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन

शुक्रवार को विधानसभा की शुरुआत ही हंगामे के साथ हुई। विपक्ष के सदस्यों ने मुख्य द्वार पर प्रदर्शन करते हुए सरकार को ‘किसान विरोधी’ बताया। विपक्षी दलों की मांग है कि राज्य में धान की खरीद (अधिप्राप्ति) में तेजी लाई जाए और इसका लक्ष्य बढ़ाया जाए। विधान परिषद में राबड़ी देवी, उर्मिला ठाकुर और सुनील सिंह जैसे नेताओं ने कृषि रोडमैप में घोटाले का आरोप लगाते हुए किसानों के शोषण को बंद करने की मांग की। साथ ही, विभूतिपुर के विधायक अजय कुमार ने यूरिया की कालाबाजारी का मुद्दा भी सदन में प्रमुखता से उठाया।

विधायकों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा का आश्वासन

सदन में एक अन्य महत्वपूर्ण चर्चा विधायकों और उनके आश्रितों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं पर हुई। विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कैशलेस सुविधा की खामियों को उजागर किया, जिस पर सम्राट चौधरी ने आश्वासन दिया कि जल्द ही विधायकों और पूर्व विधायकों के परिवारों के लिए एक बेहतर कैशलेस स्वास्थ्य व्यवस्था लागू करने पर फैसला लिया जाएगा। इसके साथ ही, प्रभारी स्वास्थ्य मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने विधायकों के सवालों के गलत जवाब देने वाले अधिकारियों के खिलाफ जांच और कार्रवाई की बात भी कही।

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