BNT Desk: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काफिले में जल्द ही बुलेटप्रूफ रेंज रोवर एसयूवी शामिल की जाएगी। राज्य सरकार ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चार हाई-सिक्योरिटी गाड़ियों की खरीद को मंजूरी दे दी है। इन गाड़ियों को खास तौर पर वीआईपी सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखकर खरीदा जा रहा है, ताकि किसी भी तरह के खतरे की स्थिति में मुख्यमंत्री की सुरक्षा और मजबूत की जा सके।
सुरक्षा कारणों से लिया गया फैसला
सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री राज्य के सबसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों में से एक हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। आधुनिक समय में वीआईपी सुरक्षा के लिए हाई-टेक और बुलेटप्रूफ गाड़ियों का इस्तेमाल जरूरी माना जाता है। नई गाड़ियां अत्याधुनिक सुरक्षा फीचर्स से लैस होंगी, जो हमले या दुर्घटना जैसी स्थिति में सुरक्षा प्रदान करेंगी।
चार गाड़ियों की खरीद को मिली मंजूरी
जानकारी के अनुसार, सरकार ने कुल चार हाई-सिक्योरिटी गाड़ियों की खरीद को मंजूरी दी है। इनमें से एक या अधिक गाड़ियां मुख्यमंत्री के काफिले में शामिल की जाएंगी। बाकी गाड़ियों का इस्तेमाल अन्य सुरक्षा जरूरतों के लिए किया जा सकता है। इन गाड़ियों में बुलेटप्रूफ सिस्टम, एडवांस कम्युनिकेशन और सुरक्षा उपकरण लगाए जाएंगे।
राजनीतिक गलियारों में शुरू हुई बहस
इस फैसले के बाद सियासी हलकों में बहस तेज हो गई है। विपक्ष इस खरीद को फिजूल खर्च बता रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि यह फैसला पूरी तरह सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है। सरकार के समर्थकों का मानना है कि वीआईपी सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी
सरकार आने वाले समय में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर काम कर रही है। नई तकनीक और आधुनिक संसाधनों के जरिए वीआईपी सुरक्षा को बेहतर बनाने की योजना बनाई जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचाव किया जा सके।