BNT Desk: बिहार में शराबबंदी के बीच शराब माफिया अब ऐसे-ऐसे जुगाड़ लगा रहे हैं कि पुलिस भी चकरा जाए। ताज़ा मामला विभूतिपुर थाना क्षेत्र के टभका चौर का है, जहाँ मद्य निषेध विभाग ने छापेमारी की तो ज़मीन के अंदर से पानी नहीं, बल्कि विदेशी शराब की धार बह निकली। पुलिस ने यहाँ मिट्टी के नीचे खोदकर भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब बरामद की है। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई थी, जिसमें पुलिस को चौर (मैदान) के नीचे शराब छिपे होने की जानकारी मिली थी।
12 लाख की शराब और पंजाब का कनेक्शन
उत्पाद विभाग की इस बड़ी कार्रवाई में कुल 110 कार्टन विदेशी शराब बरामद हुई है। जब इसकी गिनती की गई, तो यह लगभग 990 लीटर निकली। बाज़ार में इस खेप की कीमत करीब 12 लाख रुपये आंकी जा रही है। ताज्जुब की बात यह है कि यह सारी शराब पंजाब में बनी है, जिसे तस्करी के ज़रिए बिहार लाया गया था। पुलिस ने जब खुदाई शुरू की, तो एक के बाद एक पेटियाँ निकलती देख वहां मौजूद हर शख्स हैरान रह गया।
छापेमारी की भनक लगते ही माफिया फरार
पुलिस की टीम जितनी तेज़ी से मौके पर पहुँची, शराब तस्कर भी उतने ही शातिर निकले। बताया जा रहा है कि पुलिस के आने की भनक माफियाओं को पहले ही लग गई थी, जिसका फायदा उठाकर वे अंधेरे और चौर का लाभ लेते हुए मौके से भागने में सफल रहे। इस वजह से फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। हालांकि, उत्पाद विभाग ने मौके से मिले सबूतों के आधार पर केस दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी तेज़ कर दी है।
इन तीन लोगों पर दर्ज हुआ केस
शुरुआती जांच और स्थानीय इनपुट के आधार पर पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों की पहचान की है। इसमें दलसिंहसराय थाना क्षेत्र के बम्बईया निवासी अजीत महतो, राजेश महतो और चंदन मोहन महतो के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। उत्पाद अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि इन तस्करों ने बड़े ही शातिर तरीके से शराब को ज़मीन में गाड़ रखा था ताकि किसी की नज़र न पड़े। फिलहाल तीनों आरोपी फरार हैं, लेकिन पुलिस का दावा है कि जल्द ही उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।