BNT Desk: बिहार के भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल में बर्ड फ्लू वायरस की पुष्टि होने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। नवगछिया अनुमंडल परिसर के मैदान में हाल ही में कई कौवों के शव पाए गए थे। जांच रिपोर्ट में वायरस की पुष्टि होते ही जिला प्रशासन ने तुरंत सतर्कता बढ़ा दी है। प्रभावित क्षेत्र के चारों ओर 10 किलोमीटर के दायरे को संवेदनशील घोषित कर दिया गया है।
क्या हुआ और क्यों बढ़ा खतरा
जिला पशुपालन पदाधिकारी ने बताया कि 11 जनवरी को पहली बार कौवों की मौत की खबर सामने आई थी। उस समय ठंड के कारण इसे सामान्य मौत माना गया। लेकिन एहतियात के तौर पर नमूनों को जांच के लिए भेजा गया था। अब रिपोर्ट में बर्ड फ्लू वायरस की पुष्टि हो गई है। प्रशासन ने प्रभावित इलाके में तुरंत सतर्कता बढ़ाते हुए सभी पोल्ट्री फार्म्स पर नजर रखनी शुरू कर दी है।
कैसे रोकने के लिए उठाए कदम
प्रभावित क्षेत्र में सैनिटाइजेशन अभियान युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि इलाके के सभी मुर्गी फार्म्स का जीरो सर्विलेंस किया जाए। वहां से नए सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे। इसके अलावा मृत पक्षियों के सुरक्षित निपटान और संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं।
लोगों को सुरक्षा और चेतावनी
स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग ने आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को निर्देश दिया गया है कि संक्रमित इलाकों में मृत पक्षियों के संपर्क में न आएं और उनका मांस या अंडा इस्तेमाल न करें। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती कदमों और सतर्कता से बर्ड फ्लू के फैलाव को रोकना संभव है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।