BNT Desk: धेपुरा जिले के घैलाढ़ प्रखंड क्षेत्र से इस वक्त एक गंभीर और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। घैलाढ़ पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास वेरिफिकेशन के नाम पर लाभार्थियों से पैसे मांगने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि योजना के लाभार्थियों से वेरिफिकेशन की प्रक्रिया के दौरान अवैध रूप से पैसे लिए जा रहे थे। इस पूरे प्रकरण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में कथित तौर पर यह दिखाया गया है कि लाभार्थियों से पैसे लेने की बात की जा रही है। वीडियो दो दिन पुराना बताया जा रहा है, लेकिन इसके सार्वजनिक होने के बाद मामले ने चर्चा का रूप ले लिया है और प्रशासन भी सतर्क हो गया है।
पीटीआई पर आरोप और लोगों की नाराजगी
मामले में आरोप है कि पंचायत में तैनात पीटीआई अजयशंकर झा लाभार्थियों से वेरिफिकेशन के बदले पैसे मांग रहे थे। लाभार्थियों का कहना है कि बिना पैसे दिए उनका वेरिफिकेशन नहीं किया जा रहा था। इस घटना से ग्रामीणों में गहरा रोष है। लोग इस बात को गलत मान रहे हैं कि योजना के तहत गरीबों और जरूरतमंदों के लिए मुफ्त में मिलने वाली सुविधा को पैसे वसूलने के लिए इस्तेमाल किया गया। वीडियो वायरल होने के बाद लोग और अधिक सशंकित और आक्रोशित हो गए हैं।
प्रशासन की जांच और एफआईआर की संभावना
वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। प्रखंड विकास पदाधिकारी (पीडीओ) अविनाश कुमार ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है और जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वेरिफिकेशन पूरी तरह निःशुल्क है और कोई भी कर्मचारी इससे संबंधित राशि नहीं ले सकता। यदि जांच में कोई भी कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वहीं, बीडीओ ने यह भी कहा कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ एफआईआर की संभावना भी है।
भविष्य में रोकथाम और ग्रामीणों की उम्मीद
ग्रामीणों ने प्रशासन से कहा है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी ताकि भविष्य में इस तरह की अवैध वसूली न हो। वहीं, प्रशासन ने यह भी कहा कि योजना में शामिल सभी लाभार्थियों को सतर्क रहने और किसी भी अवैध मांग की सूचना पुलिस या अधिकारियों को देने की सलाह दी जाती है। इससे योजनाओं का सही और पारदर्शी तरीके से लाभ लेने का मार्ग सुनिश्चित किया जा सकेगा।