BNT Desk: नीट छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब और गरमाता जा रहा है। आज इस केस में नया मोड़ तब आया जब छात्रा के माता-पिता और मामा पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार से मिलने उनके सरकारी आवास पहुंचे। हालांकि, इस मुलाकात के बाद बाहर निकले परिजनों के चेहरे पर संतुष्टि के बजाय गहरा आक्रोश और नाराजगी दिखी। परिजनों ने साफ़ तौर पर कहा कि उन्हें अब पुलिस से न्याय की कोई उम्मीद नहीं बची है।
आमने-सामने हुई पूछताछ, फिर भी परिजन असंतुष्ट
दरअसल, DGP विनय कुमार ने इस केस की बारीकियों को समझने के लिए परिजनों और इस मामले की जांच कर रही SIT टीम को एक साथ अपने आवास पर बुलाया था। बंद कमरे में घंटों चली इस बैठक में SIT के अधिकारियों ने अब तक की जांच रिपोर्ट पेश की। सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम ने छात्रा की मौत को आत्महत्या की दिशा में बढ़ता हुआ बताया, जिस पर परिजन भड़क गए। छात्रा की मां ने रोते हुए कहा, “हम कैसे मान लें कि हमारी बेटी ने आत्महत्या की है? पुलिस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।”
बड़े अधिकारियों की मौजूदगी में केस की समीक्षा
DGP आवास पर हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में केवल SIT ही नहीं, बल्कि बिहार पुलिस के कई दिग्गज अधिकारी मौजूद थे। DG कुंदन कृष्णन, सेंट्रल रेंज के IG जितेंद्र राणा और पटना के SSP कार्तिकेय शर्मा के साथ पूरी SIT टीम ने केस की फाइल DGP के सामने रखी। DGP ने अब तक हुए अनुसंधान की एक-एक जानकारी ली और साक्ष्यों की समीक्षा की। पुलिस का मानना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर इस गुत्थी को जल्द सुलझा लिया जाएगा और जल्द ही मामले का आधिकारिक खुलासा हो सकता है।
“हमें इंसाफ की उम्मीद नहीं”: परिजनों का गंभीर आरोप
मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए छात्रा के पिता और मामा ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस शुरू से ही इस मामले को सुसाइड साबित करने में तुली है, जबकि परिस्थितियां कुछ और ही बयां कर रही हैं। परिजनों का कहना है कि DGP से मिलने के बाद उन्हें लगा था कि कोई ठोस कार्रवाई होगी, लेकिन वहां की बातों से उन्हें निराशा ही हाथ लगी। अब देखना यह है कि पुलिस के खुलासे के बाद परिजनों का अगला कदम क्या होता है।