BNT Desk: पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (PMCH) को लेकर लंबे समय से चल रही चर्चाओं पर आखिरकार बिहार सरकार ने विराम लगा दिया है। सरकार ने डॉ. राजीव कुमार सिंह को PMCH का नया अधीक्षक नियुक्त किया है। वे 31 जनवरी को अपना पदभार ग्रहण करेंगे। फिलहाल डॉ. राजीव पीएमसीएच के फिजियोलॉजी विभाग में प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं।
बेदाग छवि के कारण मिली जिम्मेदारी
डॉ. राजीव कुमार सिंह चिकित्सा जगत में अपनी साफ-सुथरी और ईमानदार छवि के लिए जाने जाते हैं। सरकार की मंशा पीएमसीएच जैसे प्रतिष्ठित संस्थान को विवादों से दूर रखने की है। इसी कारण दो बार एक्सटेंशन लेकर अधीक्षक बने रहे डॉ. आई.एस. ठाकुर को इस बार आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया गया। डॉ. ठाकुर हाल के दिनों में विवादों में रहे थे, जिससे सरकार की चिंता बढ़ी थी।
पारिवारिक और सामाजिक पृष्ठभूमि
डॉ. राजीव कुमार सिंह मूल रूप से बेगूसराय के रहने वाले हैं। उनके पिता स्वर्गीय बंगाली सिंह नौबतपुर स्थित मालतीधारी कॉलेज के प्रिंसिपल रहे। उनके बड़े भाई डॉ. रंजन कुमार सिंह गया में सिविल सर्जन के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। वहीं उनके छोटे भाई राकेश सिन्हा बीजेपी से राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। इस कारण उनकी नियुक्ति को प्रशासन और राजनीति के संतुलन के रूप में भी देखा जा रहा है।
शैक्षणिक और पेशेवर सफर
डॉ. राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा नौबतपुर से पूरी की। इसके बाद भागलपुर मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया और पीएमसीएच से पोस्ट ग्रेजुएशन किया। वर्ष 2010 से वे पीएमसीएच में कार्यरत हैं और एक समर्पित शिक्षक व चिकित्सक के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं।
पीएमसीएच को नई दिशा की उम्मीद
पीएमसीएच को 5400 बेड का मेगा अस्पताल बनाया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना चाहते हैं। इसके लिए सरकार डॉक्टरों, नर्सों और स्टाफ के खाली पद भरने की तैयारी में है। ऐसे में डॉ. राजीव की नियुक्ति से यह संदेश साफ है कि अब पीएमसीएच में सियासत नहीं, बल्कि सिस्टम और मरीजों की सेवा सर्वोपरि होगी।