BNT Desk: नई दिल्ली: भारत के लिए आज यानी मंगलवार, 27 जनवरी का दिन सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। पिछले 18 सालों से चली आ रही लंबी बातचीत के बाद आखिरकार भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर फाइनल मुहर लग गई है। यह समझौता भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा गेम-चेंजर साबित होने वाला है। इस डील के साथ ही यूरोप के 27 देशों के साथ व्यापार के पुराने और कठिन नियम अब बीते ज़माने की बात हो जाएंगे।
क्या होता है FTA और आपको क्या मिलेगा?
आसान भाषा में समझें तो जब दो पक्ष आपस में व्यापार करते हैं, तो सामान को एक देश से दूसरे देश भेजने पर भारी टैक्स देना पड़ता है, जिसे ‘टैरिफ’ कहते हैं। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट होने के बाद, अब भारत और यूरोपीय देशों के बीच होने वाले आयात-निर्यात पर टैक्स या तो बिल्कुल खत्म हो जाएगा या बहुत ही कम लगेगा। इसका सीधा फायदा आम जनता को मिलेगा। जब कंपनियों को कच्चा माल या सामान सस्ता मिलेगा, तो बाजार में चीजों की कीमतें भी कम होंगी।
इन 27 देशों के साथ हुआ है समझौता
इस एग्रीमेंट के तहत भारत को यूरोप के इन 27 देशों के बाजारों में सीधी और आसान पहुंच मिलेगी:
ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, बुल्गारिया
क्रोएशिया, साइप्रस, चेक रिपब्लिक
डेनमार्क, एस्टोनिया, फिनलैंड
फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस
हंगरी, आयरलैंड, इटली
लातविया, लिथुआनिया, लक्ज़मबर्ग
माल्टा, नीदरलैंड, पोलैंड
पुर्तगाल, रोमानिया, स्लोवाकिया
स्लोवेनिया, स्पेन और स्वीडन
व्यापारियों और आम आदमी की चमकेगी किस्मत
इस डील का सबसे बड़ा फायदा भारत के व्यापारियों को होगा क्योंकि उनके लिए यूरोप के दरवाजे खुल गए हैं। भारत पहले भी श्रीलंका, जापान, यूएई और मलेशिया जैसे देशों के साथ इस तरह के समझौते कर चुका है, लेकिन यूरोपीय यूनियन के साथ यह समझौता भारत की वैश्विक साख को और बढ़ाएगा। आम आदमी के लिए इसका मतलब है—सस्ते इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, बेहतर मशीनरी और यूरोप की प्रीमियम चीजों का आपकी पहुंच में होना।