BSEB मैट्रिक-इंटर 2026: एडमिट कार्ड में फोटो की गलती अब परीक्षा हॉल में सुधरेगी, हाई-टेक निगरानी के साथ परीक्षा होगी

Bihar Board (BSEB) ने मैट्रिक और इंटर 2026 परीक्षा के लिए छात्रों को बड़ी राहत दी है। अब अगर एडमिट कार्ड में फोटो की गलती हो, तो उसे सीधे परीक्षा हॉल में सुधार लिया जाएगा। केंद्र पर कंप्यूटर शिक्षक नई फोटो अपडेट करेंगे। परीक्षा हाई-टेक ‘परीक्षा ऐप’ से निगरानी में होगी, पेपर सीधे हॉल में खुलेगा और OMR शीट की पैकिंग भी सुधारी गई है।

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BNT Desk: बिहार बोर्ड (BSEB) की मैट्रिक और इंटर परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। अगर आपके एडमिट कार्ड में फोटो को लेकर कोई गलती है, तो अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। बोर्ड ने फैसला लिया है कि ऐसी किसी भी गड़बड़ी को अब सीधे परीक्षा केंद्र पर ही सुधार लिया जाएगा। इसके लिए बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने सेंटर अधीक्षकों और कंप्यूटर शिक्षकों को खास ट्रेनिंग भी दी है।

कैसे होगा एडमिट कार्ड में सुधार?

अक्सर देखा जाता था कि एडमिट कार्ड में फोटो साफ न होने या किसी और की फोटो छप जाने की वजह से छात्रों को परीक्षा केंद्र में घुसने में दिक्कत आती थी। अब नई व्यवस्था के तहत, अगर किसी परीक्षार्थी के एडमिट कार्ड में फोटो की गलती है, तो उसे पहले ही दिन परीक्षा केंद्र पर सुधार लिया जाएगा। छात्र को अपने साथ पहचान का एक पुख्ता सबूत (साक्ष्य) लेकर आना होगा। केंद्र पर मौजूद कंप्यूटर शिक्षक सुधार के बाद नई फोटो को सीधे मोबाइल ऐप के जरिए अपलोड कर देंगे, जिससे डेटा तुरंत अपडेट हो जाएगा।

मोबाइल ऐप से होगी कड़ी निगरानी

बोर्ड ने इस बार परीक्षा को और भी हाई-टेक बना दिया है। ‘परीक्षा ऐप’ के जरिए हर गतिविधि पर ऑनलाइन नजर रखी जाएगी। केंद्र अधीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि परीक्षा शुरू होने से लेकर खत्म होने तक की हर जानकारी (खैरियत रिपोर्ट) इसी ऐप पर डालनी होगी। इससे परीक्षा में पारदर्शिता बढ़ेगी और किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश कम हो जाएगी। हाल ही में मुजफ्फरपुर के मोतीझील स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में तिरहुत प्रमंडल के सभी अधिकारियों को इसकी ट्रेनिंग दी गई है।

परीक्षा हॉल में ही खुलेंगे प्रश्नपत्र के पैकेट

नियमों को सख्त करते हुए बोर्ड ने साफ किया है कि प्रश्नपत्र (Question Paper) का कोई भी पैकेट अब अधीक्षक के कमरे में नहीं खोला जाएगा। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, पेपर के पैकेट सीधे परीक्षा हॉल में वीक्षकों और छात्रों के सामने ही खोले जाएंगे। हर कमरे की क्षमता के हिसाब से पहले ही एक वितरण तालिका (Distribution List) बना ली जाएगी, ताकि पता रहे कि किस कमरे में कितने पेपर भेजने हैं।

OMR शीट की पैकिंग में भी हुआ बदलाव

सिर्फ पेपर ही नहीं, बल्कि परीक्षा के बाद OMR शीट जमा करने के नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब एक लिफाफे में 200 की जगह 256 OMR शीट पैक की जाएंगी। यदि किसी एक शिफ्ट में एक से ज्यादा विषयों की परीक्षा होती है, तो उनके OMR शीट भी एक ही लिफाफे में रखे जा सकते हैं। आपको बता दें कि इंटर की परीक्षा 2 फरवरी से और मैट्रिक की परीक्षा 17 फरवरी से शुरू होने जा रही है।

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