BNT Desk: बिहार की राजधानी पटना में आज मकर संक्रांति के मौके पर जबरदस्त सियासी रौनक देखने को मिली। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी ‘लोजपा (रामविलास)’ के कार्यालय में भव्य ‘दही-चूड़ा भोज’ का आयोजन किया गया। इस खास मौके पर चिराग पासवान खुद मेजबान की भूमिका में नजर आए और उन्होंने आए हुए मेहमानों का स्वागत किया। चिराग ने न केवल सभी को मकर संक्रांति की बधाई दी, बल्कि खुद अपने हाथों से बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत एनडीए के कई दिग्गज नेताओं को तिलकुट खिलाया।
एनडीए की एकजुटता और विकास का संकल्प
भोज के दौरान चिराग पासवान ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आज के दिन से ही असली नव वर्ष की शुरुआत होती है। उन्होंने कहा, “यह हमारे परिवार की पुरानी परंपरा रही है और हम इसे आज भी पूरे दिल से निभा रहे हैं।” चिराग ने इस आयोजन को एनडीए की एकजुटता से जोड़ते हुए कहा कि आज तमाम बड़े नेताओं का यहाँ जुटना यह दिखाता है कि हम सब मिलकर बिहार को आगे ले जाना चाहते हैं। उन्होंने साफ किया कि प्रधानमंत्री मोदी के 2047 के लक्ष्य को पूरा करने के लिए उनकी पार्टी पूरी तरह समर्पित है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी बिहार के विकास के लिए बेहतरीन काम कर रहे हैं।
तेज प्रताप यादव पर चिराग की नरमी
राजनीति के बीच रिश्तों की गर्माहट भी यहाँ महसूस की गई। जब चिराग से तेज प्रताप यादव के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही संजीदगी से जवाब दिया। तेज प्रताप के फोन न उठाने वाले बयान पर चिराग ने मुस्कुराते हुए कहा, “तेज प्रताप मेरे छोटे भाई जैसे हैं। कभी-कभी व्यस्त होने की वजह से फोन नहीं उठ पाता, इसका कोई गलत मतलब नहीं निकालना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि तेज प्रताप जिस परिवार से आते हैं, वह उनका अपना परिवार है और वह किसी भी तरह का विवाद नहीं चाहते। चिराग ने यह भी स्पष्ट किया कि तेज प्रताप के गठबंधन बदलने को लेकर अभी कुछ तय नहीं है, इसलिए उस पर टिप्पणी करना सही नहीं होगा।
बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान चिराग पासवान और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच भी संक्षिप्त बातचीत हुई। चिराग ने बताया कि इस छोटी सी मुलाकात में भी उनका मुख्य फोकस ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ के विजन पर रहा। कुल मिलाकर, चिराग पासवान का यह दही-चूड़ा भोज केवल खाने-पीने का आयोजन नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में एनडीए की मजबूती दिखाने का एक बड़ा मंच साबित हुआ।