BNT Desk: बिहार के उन युवाओं के लिए साल 2025 खुशियों की सौगात लेकर आ रहा है जो सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे हैं। बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने सोमवार को पटना के सूचना भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बड़ी घोषणा की है। उन्होंने बताया कि राज्य के स्कूलों में साढ़े पांच हजार (5,500) लाइब्रेरियन यानी पुस्तकालयाध्यक्षों की भर्ती जल्द की जाएगी। इसके साथ ही दिव्यांग बच्चों को पढ़ाने के लिए भी 7,000 विशेष शिक्षकों की बहाली होने वाली है। सरकार का लक्ष्य है कि शिक्षा व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जाए।
TRE-4 और शिक्षकों की बहाली पर अपडेट
शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए भी मंत्री जी ने अहम जानकारी साझा की है। उन्होंने कहा कि BPSC (बिहार लोक सेवा आयोग) को शिक्षक बहाली के चौथे चरण (TRE-4) के लिए खाली पदों की लिस्ट 15 जनवरी तक भेज दी जाएगी। इसका मतलब है कि जनवरी के बाद कभी भी नई भर्ती का विज्ञापन जारी हो सकता है। सिर्फ स्कूल ही नहीं, बल्कि विश्वविद्यालयों में भी खाली पड़े पदों का ब्यौरा मांगा गया है, ताकि वहां भी प्रोफेसरों की कमी को दूर किया जा सके।
रील्स बनाने वाले शिक्षकों पर गिरेगी गाज
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब मंत्री जी से पूछा गया कि कुछ शिक्षक क्लास में पढ़ाने के बजाय सोशल मीडिया पर रील्स बनाने में व्यस्त रहते हैं, तो उन्होंने सख्त लहजे में जवाब दिया। सुनील कुमार ने साफ किया कि स्कूलों में गलत गतिविधियों में शामिल शिक्षकों और अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का उदाहरण देते हुए बताया कि बेतिया और किशनगंज के जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) पर भी एक्शन लिया गया है। अनुशासनहीनता बरतने वालों पर विभाग की पैनी नजर है।
असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती पर ताजा स्थिति
सहायक प्रोफेसर (Assistant Professor) की भर्ती को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई। शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस संबंध में मंत्री अशोक चौधरी की सिफारिश मिली थी, लेकिन प्रक्रिया में कुछ कमियां पाई गई हैं। इसी वजह से बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग से दोबारा सुझाव और जानकारी मांगी गई है। सरकार चाहती है कि हर भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिहीन हो। कुल मिलाकर, बिहार सरकार अब शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है।