चर्चित छात्र नेता दिलीप कुमार अब विधान परिषद (MLC) 2026 का चुनाव लड़ने जा रहे हैं। वही दिलीप कुमार जो पिछले कुछ सालों में BPSC आंदोलन और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर छात्रों की सबसे मुखर आवाज़ बनकर उभरे थे। हालाँकि, विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद उनका यह नया चुनावी दांव, सबको चौंका रहा है।
दरभंगा स्नातक सीट से किस्मत आज़माएंगे
दिलीप कुमार ने खुद ऐलान किया है कि वह 2026 में होने वाले बिहार विधान परिषद के चुनाव में दरभंगा स्नातक (Graduate) सीट से उम्मीदवार होंगे। इस सीट पर दरभंगा, मधुबनी, बेगूसराय और समस्तीपुर जिले के ग्रेजुएट वोटर मतदान करते हैं। उन्होंने इन चारों जिलों के सभी स्नातक पास लोगों से आज ही (बुधवार, आवेदन की अंतिम तिथि) वोटर बनने की अपील की है। विधानसभा चुनाव में कम वोट मिलने के बाद, दिलीप कुमार अब MLC बनकर सीधे सदन में एंट्री लेने की तैयारी में हैं।
सड़क से सदन तक, जेल भी गए दिलीप
दिलीप कुमार की पहचान किसी राजनीतिक दल से नहीं, बल्कि छात्र शक्ति से बनी है। पिछले दो सालों में, उन्होंने BPSC परीक्षा की अनियमितताओं, पेपर लीक और अन्य छात्र मांगों को लेकर पटना में कई बड़े प्रदर्शनों का नेतृत्व किया। यह वही आंदोलन है जिसके दौरान उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, और वह सुर्खियों में छा गए थे। चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उन पर आज भी छात्र आंदोलन से जुड़े 9 केस दर्ज हैं।
‘युवाओं की आवाज़ सदन में उठाने’ का दावा
दिलीप कुमार का कहना है कि वह बीते 10 सालों से सड़क पर तो युवाओं के मुद्दे उठा रहे हैं, लेकिन छात्रों और बेरोजगारों के मुद्दों को सदन (विधान परिषद या विधानसभा) में गंभीरता से नहीं लिया जाता। इसलिए अब उन्होंने खुद चुनावी राजनीति में आकर सदन के अंदर से युवाओं की लड़ाई लड़ने का फैसला किया है। बता दें, हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में उन्हें बहादुरपुर सीट से सिर्फ 1778 वोट मिले थे, पर इस बार उन्हें उम्मीद है कि छात्र उन्हें मौका देंगे।