बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य की 430 महत्वपूर्ण विकास योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री आवास ‘संकल्प’ में हुई इस बैठक में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को साफ़ निर्देश दिए कि इन सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से (टाइम पर) पूरा किया जाए। यह बैठक ‘प्रगति यात्रा’ के दौरान घोषित की गई योजनाओं की प्रगति जानने के लिए बुलाई गई थी। इस बैठक में मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे जिन्होंने विभागवार रिपोर्ट पेश की।
50 हज़ार करोड़ का बजट, 428 योजनाओं को मिली मंज़ूरी
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने प्रस्तुतीकरण में बताया कि ‘प्रगति यात्रा’ के दौरान अलग-अलग ज़िलों में कुल 430 विकास योजनाओं को मंजूरी दी गई थी, जिनकी अनुमानित लागत 50 हज़ार करोड़ रुपये है। राहत की बात यह है कि इनमें से 428 योजनाओं को पहले ही प्रशासनिक स्वीकृति दी जा चुकी है, जो 22 अलग-अलग विभागों से जुड़ी हैं। बाकी बची दो योजनाओं पर तकनीकी स्वीकृति की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने यह भी बताया कि जल संसाधन विभाग की ज़्यादातर योजनाओं का काम पूरा हो चुका है।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं: खुद CM ने किया था ज़मीनी जायज़ा
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों को याद दिलाया कि उन्होंने खुद साल 2024 के दिसंबर और 2025 के शुरुआती महीनों में सभी ज़िलों का दौरा कर विकास कार्यों का जायज़ा लिया था। जहां भी कमियां दिखीं, वहीं तुरंत नई योजनाओं को मंजूरी दी गई थी। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि जिन योजनाओं पर काम शुरू हो गया है, उन्हें तय समय सीमा के अंदर खत्म करें। उन्होंने निर्देश दिया कि अगर किसी भी स्तर पर काम में ढिलाई (लापरवाही) पाई गई, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जनता को मिले सीधा लाभ: इन प्रोजेक्ट्स पर ज़्यादा फोकस
मुख्यमंत्री ने साफ़ किया कि सरकार राज्य के सभी क्षेत्रों और सभी वर्गों के संतुलित विकास के लिए काम कर रही है। उन्होंने सड़कों, पुलों, शिक्षा, स्वास्थ्य, पीने के पानी, सिंचाई, उद्योग और खेल परिसर जैसी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने पर ज़ोर दिया। CM का कहना है कि काम तेज़ी से हो ताकि लोगों को समय पर सुविधा मिल सके और विकास का फ़ायदा समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।