पटना: गोपालगंज जिले की 3 साल की मासूम अवंतिका राय का 2 दिसंबर को पीएमसीएच के हड्डी रोग विभाग में पैर फ्रैक्चर की सर्जरी हुई। परिजन आरोप लगा रहे हैं कि ऑपरेशन के दौरान बच्ची को एनेस्थिसिया की उच्च मात्रा दी गई, जिसे बच्ची सहन नहीं कर पाई। सर्जरी के बाद बच्ची होश में नहीं आई और 6 दिसंबर को उसकी मृत्यु हो गई।
ऑपरेशन और परिवार का आरोप
अवंतिका के परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन में दवा की ‘डबल डोज’ दी गई थी। ऑपरेशन के 30–45 मिनट बाद ही बच्ची की हालत बिगड़ी। उसे वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन डॉक्टरों की पूरी कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी। परिवार ने अस्पताल प्रबंधन से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।
PMCH की जांच
PMCH प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 4 सदस्यीय जांच टीम बनाई है। इस टीम में हड्डी रोग और शिशु रोग विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक शामिल हैं। अस्पताल अधीक्षक के मुताबिक टीम 2 हफ्ते के अंदर रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर मौत का असली कारण सामने आएगा।
सवाल और स्वास्थ्य व्यवस्था
इस घटना ने अस्पताल की ओटी व्यवस्था और एनेस्थिसिया प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों की सर्जरी में अत्यंत सावधानी बरतना जरूरी है। इस मामले की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि यह चिकित्सकीय गलती थी या लापरवाही।