पटना पहुंचा दुनिया का सबसे लंबा रिवर क्रूज ‘गंगा विलास’, 3200 किलोमीटर तक का सफर; अंदर मिलती हैं 5-स्टार होटल जैसी सुविधाएं

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BNT Desk: दुनिया के सबसे लंबे रिवर क्रूज में शामिल ‘गंगा विलास’ यूरोपीय पर्यटकों को लेकर पटना पहुंच गया है। कोलकाता से चलकर आया यह क्रूज गंगा नदी के रास्ते पर्यटकों को भारत की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से रूबरू करा रहा है। करीब 3200 किलोमीटर तक की यात्रा करने में सक्षम इस क्रूज में पांच सितारा होटल जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

मीतन घाट के पास गंगा नदी में रोका गया क्रूज

गंगा विलास क्रूज को पटना सिटी में भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) के गायघाट स्थित बंदरगाह के पूर्व में मीतन घाट के पास गंगा नदी में रोका गया है। यहां पहुंचने के बाद क्रूज पर सवार विदेशी पर्यटक आसपास के नजारे देखते नजर आए। रिपोर्ट के मुताबिक, पर्यटकों ने क्रूज की छत से दूरबीन के जरिए भद्रघाट पर विजयादशमी के दौरान हो रहे प्रतिमा विसर्जन और श्रद्धालुओं की भीड़ को देखा। इस दौरान उन्हें गंगा किनारे की धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को करीब से देखने का अवसर मिला।

 

क्रूज पर सवार हैं यूरोपीय देशों के 15 पर्यटक

भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण के निदेशक अरविंद कुमार के अनुसार, गंगा के राष्ट्रीय जलमार्ग-1 पर यात्री और मालवाहक जहाजों का परिचालन बढ़ रहा है। इसी क्रम में गंगा विलास क्रूज कोलकाता से पटना पहुंचा है। इस क्रूज पर यूरोपीय देशों के 15 पर्यटक सवार हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, क्रूज गुरुवार को पर्यटकों को लेकर वाराणसी के लिए रवाना होगा। यात्रा के दौरान पर्यटकों को बिहार के धार्मिक स्थलों, सांस्कृतिक विरासत और प्रमुख पर्यटन स्थलों से परिचित कराने की योजना है।

क्रूज के अंदर मिलती हैं पांच सितारा होटल जैसी सुविधाएं

गंगा विलास को लंबी नदी यात्रा के दौरान पर्यटकों को आरामदायक अनुभव देने के लिए तैयार किया गया है। इसमें पांच सितारा होटल जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। रिपोर्ट के अनुसार, क्रूज में कुल 50 यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था है। इस तरह की यात्रा के जरिए पर्यटक सड़क मार्ग से अलग नदी के रास्ते विभिन्न शहरों और ऐतिहासिक स्थलों को देखने का अनुभव प्राप्त कर सकते हैं। गंगा विलास का उद्देश्य नदी पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ भारत की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों तक पहुंचाना भी है।

 

3200 किलोमीटर की यात्रा में कई राज्य और बांग्लादेश शामिल

गंगा विलास क्रूज लगभग 3200 किलोमीटर तक की नदी यात्रा करने में सक्षम है। इसके मार्ग में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्य शामिल हैं। इसके अलावा, यात्रा मार्ग बांग्लादेश से होकर भी गुजरता है और डिब्रूगढ़ तक पहुंचता है। यह लंबा नदी मार्ग पर्यटकों को अलग-अलग क्षेत्रों की संस्कृति, परंपराओं और प्राकृतिक दृश्यों को देखने का अवसर देता है। गंगा और उससे जुड़े जलमार्गों के जरिए पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में इस क्रूज को महत्वपूर्ण माना जाता है।

 

दिसंबर तक कोलकाता, पटना और वाराणसी के बीच आवाजाही की योजना

रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2026 तक गंगा विलास के विदेशी पर्यटकों को लेकर कोलकाता, पटना और वाराणसी के बीच कई बार आने-जाने की योजना है। इससे इन शहरों में नदी पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। पटना में क्रूज का पहुंचना बिहार के पर्यटन के लिहाज से भी अहम है। गंगा के किनारे बसे इस शहर में धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के साथ नदी आधारित पर्यटन की संभावनाएं मौजूद हैं। हालांकि, क्रूज के आगे के कार्यक्रम और ठहराव की जानकारी के लिए संबंधित प्राधिकरण की आधिकारिक सूचना देखना उचित होगा।

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