बिहार: भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर केस में CID की जांच तेज, बिलौटी गांव में 7 घंटे तक स्पॉट रीक्रिएशन

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BNT Desk: बिहार के भोजपुर जिले के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में सीआईडी (CID) की जांच ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। घटना के चार महीने से अधिक समय बीतने के बाद विशेष जांच टीम शाहपुर प्रखंड के बिलौटी गांव पहुंची और करीब सात घंटे तक घटनास्थल पर छानबीन की। डीएसपी के नेतृत्व में पहुंची टीम ने घटनाक्रम को समझने के लिए स्पॉट रीक्रिएशन कराया और परिजनों तथा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए। जांच के दौरान घटना से जुड़े वीडियो और दस्तावेजों की जानकारी भी टीम को दी गई। हालांकि, अब तक जांच के निष्कर्षों को लेकर कोई अंतिम आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

 

बिलौटी गांव में सात घंटे तक चली जांच

भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड स्थित बिलौटी गांव में सीआईडी की विशेष टीम ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की जांच के तहत घटनास्थल का निरीक्षण किया। डीएसपी के नेतृत्व में पहुंची टीम ने मौके पर मौजूद परिस्थितियों को समझने और घटना के क्रम को दोबारा जोड़ने की कोशिश की।

जांच के दौरान टीम ने स्पॉट रीक्रिएशन कराया। इसका उद्देश्य घटनास्थल पर उपलब्ध परिस्थितियों और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर उस समय के घटनाक्रम को समझना था। इस प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि रिकॉर्डिंग और जांच से जुड़ी सामग्री को आगे की कार्रवाई के लिए पटना ले जाया गया।

हालांकि, जांच टीम को मौके पर कौन-कौन से महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले और उनसे क्या जानकारी सामने आई, इस बारे में अभी कोई आधिकारिक निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है।

भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी भी रहे मौजूद

घटनास्थल पर जांच के दौरान भरत तिवारी के छोटे भाई चंदन तिवारी को भी टीम के साथ रखा गया। उन्होंने जांच अधिकारियों को घटना से संबंधित जानकारी दी। चंदन तिवारी अपने भाई की मौत को कथित साजिश बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते रहे हैं।

परिवार की ओर से उठाए गए सवालों को ध्यान में रखते हुए जांच टीम ने घटनास्थल की परिस्थितियों और उपलब्ध जानकारी को समझने की कोशिश की। हालांकि, परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। किसी भी संभावित साजिश या व्यक्ति की भूमिका के संबंध में निष्कर्ष जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही निकाला जा सकेगा।

 

प्रत्यक्षदर्शियों और परिवार के 11 सदस्यों से पूछताछ

सीआईडी की जांच केवल घटनास्थल के निरीक्षण तक सीमित नहीं रही। टीम ने बिलौटी टांड़ के उन ग्रामीणों से भी पूछताछ की, जिन्हें घटना के समय की परिस्थितियों या घटनाक्रम के बारे में जानकारी होने की बात कही जा रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों से घटना के समय की स्थिति, घटनास्थल पर मौजूद लोगों और उस दौरान हुई गतिविधियों के संबंध में सवाल पूछे गए। इन बयानों के जरिए जांच टीम अलग-अलग जानकारियों का मिलान करने की कोशिश कर रही है।

इसके अलावा, भरत तिवारी के परिवार के कुल 11 सदस्यों से भी पूछताछ किए जाने की जानकारी दी गई है। इनमें उनकी मां आशा देवी, पिता काशीनाथ तिवारी और भाभी सुमन देवी शामिल हैं।

परिजनों का आरोप है कि मामले में एक गिरफ्तारी के बाद जांच की गति धीमी पड़ गई थी। अब सीआईडी की सक्रियता से परिवार को उम्मीद है कि मामले के सभी पहलुओं की गहराई से जांच होगी और घटना से जुड़े सवालों के जवाब मिल सकेंगे।

 

फेसबुक लाइव वीडियो और लिखित आवेदनों की भी जांच

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चंदन तिवारी के मुताबिक, उन्होंने जांच टीम को घटना से पहले भरत तिवारी के फेसबुक लाइव के दौरान बनाए गए वीडियो और एसडीएम के खिलाफ दिए गए लिखित आवेदनों से संबंधित सामग्री सौंपी है।

परिवार का मानना है कि इन सामग्रियों से घटना से पहले की परिस्थितियों और भरत तिवारी की ओर से उठाए गए मुद्दों को समझने में मदद मिल सकती है। जांच टीम इन सामग्रियों का परीक्षण कर उपलब्ध बयानों और अन्य साक्ष्यों से उनका मिलान कर सकती है।

हालांकि, वीडियो और लिखित आवेदनों की जांच से क्या तथ्य सामने आए हैं, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है। किसी भी आरोप को सही मानने से पहले उसकी पुष्टि संबंधित दस्तावेजों, तकनीकी साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों से होना जरूरी है।

 

छह से सात अन्य लोगों से भी पूछताछ की संभावना

मिली जानकारी के अनुसार, सीआईडी की टीम छह से सात अन्य लोगों से भी पूछताछ कर सकती है। इनमें संदिग्धों के साथ ऐसे लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिन्हें मामले से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी होने की संभावना है। हालांकि, किन लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा और उनकी भूमिका क्या है, इस बारे में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

आगे की जांच में घटनास्थल के निरीक्षण, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, परिजनों से मिली जानकारी, वीडियो और अन्य दस्तावेजों का मिलान किया जा सकता है। इन सभी पहलुओं के आधार पर जांच टीम घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश करेगी।

 

CID की जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में सीआईडी की हालिया कार्रवाई के बाद अब जांच के अगले चरण पर नजर बनी हुई है। करीब सात घंटे तक घटनास्थल पर जांच, स्पॉट रीक्रिएशन और परिवार व प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जाने को इस मामले की जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इस कार्रवाई से कोई नया निर्णायक साक्ष्य मिला है या नहीं। जांच पूरी होने और आधिकारिक निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले से जुड़े सवालों पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

परिवार को उम्मीद है कि जांच से घटना की परिस्थितियों और जिम्मेदार लोगों की भूमिका को लेकर स्पष्टता आएगी। वहीं, जांच का अंतिम निष्कर्ष उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही तय होगा।

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