BNT Desk: बिहार में चक्रवाती तूफान अर्बन के प्रभाव के कारण एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ता दिखाई दे रहा है। बिहार के साथ-साथ नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्र में हुई अत्यधिक बारिश का असर नदियों के जलस्तर पर पड़ने लगा है। सोमवार सुबह बागमती नदी के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई। नदी उफान पर है और उसका पानी खतरे के निशान से काफी ऊपर पहुंच गया है। जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ा दी है।
डुब्बाघाट में खतरे के निशान से ऊपर बह रही बागमती
बागमती नदी के जलस्तर की निगरानी डुब्बाघाट स्थित गेज के जरिए की जा रही है। यहां नदी के लिए खतरे का निशान 61.28 मीटर निर्धारित है। सोमवार को नदी का जलस्तर बढ़कर 61.80 मीटर पर पहुंच गया। इस तरह बागमती नदी का पानी खतरे के निशान से करीब 52 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए नदी के आसपास के इलाकों में प्रशासन की निगरानी बढ़ा दी गई है।
इस सीजन का सबसे ऊंचा जलस्तर
बताया गया है कि 61.80 मीटर का जलस्तर इस सीजन में बागमती नदी का अब तक का सबसे ऊंचा रिकॉर्ड है। नदी की धाराओं में लगातार उफान बढ़ रहा है, जिससे आसपास के इलाकों में बाढ़ की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है। नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्र में अत्यधिक बारिश को बागमती के जलस्तर में वृद्धि की प्रमुख वजह बताया जा रहा है। इसके साथ ही बिहार में भी बारिश का असर नदी के प्रवाह पर दिखाई दे रहा है।
प्रशासन ने अधिकारियों को अलर्ट रहने का दिया निर्देश
जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए जिला प्रशासन ने भी अपनी निगरानी बढ़ा दी है। डीएम प्रतिभा रानी ने सभी अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को क्षेत्र में लगातार मौजूद रहने और नदी के जलस्तर पर नजर रखने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही बागमती नदी के तटबंधों की स्थिति की भी लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि कहीं किसी तरह की समस्या सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
तटबंधों पर भी रखी जा रही नजर
बागमती का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के बाद प्रशासन की प्राथमिकता नदी के साथ-साथ तटबंधों की सुरक्षा पर भी है। अधिकारियों को संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से यह भी देखा जा रहा है कि बढ़ते जलस्तर का आसपास के इलाकों पर क्या असर पड़ रहा है। किसी भी तरह की आपात स्थिति सामने आने पर समय रहते आवश्यक कदम उठाने की तैयारी की जा रही है।
डीएम बोलीं- हर परिस्थिति से निपटने के लिए प्रशासन अलर्ट
डीएम प्रतिभा रानी ने बताया कि बागमती नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। अधिकारियों को लगातार क्षेत्र में रहने का निर्देश दिया गया है, ताकि नदी के जलस्तर और तटबंधों की स्थिति की जानकारी समय पर मिलती रहे।
लगातार बढ़ रहा जलस्तर, लोगों की बढ़ी चिंता
बागमती नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण नदी के आसपास रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। खासकर उन इलाकों में प्रशासन की निगरानी महत्वपूर्ण हो गई है, जहां पहले भी नदी के बढ़े हुए जलस्तर का असर देखा जाता रहा है। फिलहाल प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जलस्तर में आगे कितनी वृद्धि होती है और इसका आसपास के क्षेत्रों पर कितना प्रभाव पड़ता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल अधिकारियों को अलर्ट रहने और नदी व तटबंधों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।