BNT Desk: पंजाब की Lovely Professional University (LPU) में कथित रेप और छात्रा की मौत को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब विश्वविद्यालय की ओर से जारी किए गए एक वीडियो पर भी सवाल उठने लगे हैं। विश्वविद्यालय के उस वीडियो में हॉस्टल के कमरे में रहने वाली तीन छात्राओं ने कथित घटना से इनकार करते हुए अपना पक्ष रखा था। अब उन्हीं तीन छात्रों ने एक दूसरे कथित वीडियो में आरोप लगाया है कि उन्हें पहले से कुछ बातें बोलने के लिए निर्देश दिए गए थे। उनका दावा है कि रिकॉर्ड किए गए वीडियो के एक हिस्से को काटकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया और इसके लिए उनकी सहमति भी नहीं ली गई।
हॉस्टल की घटना को लेकर पहले से चल रहा विवाद
यह पूरा मामला LPU कैंपस में एक छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म और बाद में उसकी मौत की खबरों के बाद सामने आया। रिपोर्ट के अनुसार, छात्रों की शिकायत में आरोप लगाया गया कि विश्वविद्यालय परिसर के हॉस्टल में एक निर्माण श्रमिक ने छात्रा के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया था। इसके बाद छात्रा की मौत को लेकर भी सवाल उठे। मामले को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। प्रदर्शन के दौरान भीड़ द्वारा कैंपस की संपत्ति में तोड़फोड़ किए जाने, कुछ हिस्सों में आग लगाए जाने और जालंधर-फगवाड़ा हाईवे को बाधित किए जाने की भी बात रिपोर्ट में कही गई है। प्रदर्शनकारी कथित आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग कर रहे थे।
LPU ने जारी किया था छात्रों का वीडियो
विरोध प्रदर्शन और सोशल मीडिया पर चल रहे दावों के बीच LPU के इंस्टाग्राम और X अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट किया गया। इसमें विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार मोनिका गुलाटी दिखाई दीं। वीडियो में गर्ल्स हॉस्टल-3 के कमरा नंबर 504 में रहने वाली तीन छात्राओं को सामने लाया गया था। वीडियो में रजिस्ट्रार ने इन छात्राओं को उसी कमरे की रहने वाली छात्राएं बताते हुए उनका पक्ष सामने रखा। एक छात्रा ने कहा कि वह और कमरे में रहने वाली दूसरी छात्राएं करीब दो महीने से वहां रह रही थीं और कमरे में ऐसी कोई घटना नहीं हुई थी। एक अन्य छात्रा ने कथित तौर पर कहा कि वे परेशान थीं और अगर परेशानी जारी रही तो अपने माता-पिता को बुलाने की बात कही थी। तीसरी छात्रा ने पुलिस से बार-बार कमरे में आने से रोकने की अपील की थी। LPU ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर चल रहे रेप के दावों के जवाब के तौर पर इस्तेमाल किया था।
अब उन्हीं छात्रों ने लगाए अलग दावे
बाद में सामने आए एक अन्य कथित वीडियो में इन्हीं तीन छात्रों ने विश्वविद्यालय द्वारा जारी किए गए वीडियो को लेकर अलग दावे किए। रिपोर्ट के मुताबिक, छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें कुछ खास बातें कहने के लिए निर्देश दिए गए थे। एक छात्रा के हवाले से कहा गया कि उन्हें यह कहने के लिए कहा गया था कि दूसरे छात्र उन्हें परेशान करते हैं और उन्होंने वही बातें कहीं जो उन्हें निर्देशित की गई थीं। छात्रा ने यह भी दावा किया कि मूल रिकॉर्डिंग का केवल एक हिस्सा रखा गया और बाकी हिस्सा हटाकर वीडियो को इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया। छात्राओं का आरोप है कि वीडियो पोस्ट करने से पहले उनकी सहमति नहीं ली गई। उनका दावा है कि वीडियो के एडिट होने और सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद उन्हें ऑनलाइन अभद्र टिप्पणियों और निशाने का सामना करना पड़ा।
छात्राओं ने कहा- कथित घटना से हमारा संबंध नहीं
दूसरे कथित वीडियो में एक छात्रा ने यह भी कहा कि तीनों का उस कथित घटना से कोई संबंध नहीं है। उसने लोगों से उन्हें निशाना नहीं बनाने की अपील की। छात्रा के अनुसार, जिस कमरे का नाम घटना के संदर्भ में लिया गया, वह कथित तौर पर बेतरतीब तरीके से चुना गया था और उनका उस मामले में कोई रोल नहीं है। उन्होंने लोगों से उन्हें परेशान करना बंद करने की मांग की। हालांकि, रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि इन कथित वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है। इसलिए छात्रों के नए आरोपों को फिलहाल उनके दावों के रूप में ही देखा जा रहा है।
विश्वविद्यालय ने रेप-सुसाइड के आरोपों को नकारा
LPU ने छात्रा से कथित दुष्कर्म और उसके बाद आत्महत्या के आरोपों को खारिज किया है। विश्वविद्यालय ने आरोपों को लेकर कुछ लोगों पर छात्रों के बीच भ्रम फैलाने और विश्वविद्यालय के शांत शैक्षणिक माहौल को प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। दूसरी ओर, पुलिस की जांच आगे बढ़ने की बात कही गई है। जालंधर रेंज के DIG नवीन सिंगला के मुताबिक, जांच टीम में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के पांच प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है। पुलिस डिजिटल और तकनीकी सबूतों को रिकॉर्ड पर ले रही है। हॉस्टल परिसर और CCTV फुटेज की भी जांच की जा रही है।
10 दिनों के लिए क्लासेस सस्पेंड
कैंपस में जारी तनाव के बीच LPU ने 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित करने का फैसला किया है। मिड-टर्म परीक्षाओं को भी अगले आदेश तक टाल दिया गया है। विश्वविद्यालय की ओर से जारी नोटिस में छात्रों को अभिभावकों या संरक्षकों से सलाह लेकर 10 दिनों की अवधि में अपने घर जाने की अनुमति दी गई है। जो छात्र कैंपस में रहेंगे, उन्हें हॉस्टल के अंदर रहने और किसी भी तरह की अनावश्यक गतिविधि या तनाव से दूर रहने की सलाह दी गई है। फिलहाल LPU विवाद में एक तरफ विश्वविद्यालय का आधिकारिक पक्ष है, दूसरी तरफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के आरोप और अब वीडियो में सामने आए तीन छात्रों के नए दावे हैं। पुलिस जांच में डिजिटल रिकॉर्ड, CCTV और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को शामिल किए जाने की बात कही गई है। ऐसे में पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।