BNT Desk: बिहार के सिवान जिले के असांव थाना क्षेत्र के सियोरी मठिया गांव में सोमवार सुबह गोलीबारी की घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। यहां बेखौफ अपराधियों ने पूर्व प्रखंड प्रमुख के पति और शिक्षक किशोर कुमार गिरी को कनपटी में गोली मार दी। गोली लगने के बाद वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए पटना स्थित पीएमसीएच रेफर कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। सिवान एसपी भारत सोनी के निर्देश पर एसडीपीओ सदर-2 मैरवा के नेतृत्व में विशेष जांच टीम यानी SIT का गठन किया गया है। वहीं, एफएसएल की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने मामले में एक विधि-विरुद्ध बालक को निरुद्ध किया है, जबकि अन्य हमलावरों की तलाश में छापेमारी जारी है।
स्कूल में गलत गतिविधि की सूचना पर पहुंचे थे किशोर गिरी
जानकारी के अनुसार, सियोरी मठिया गांव में स्थित एक स्कूल की शिक्षिका ने किशोर कुमार गिरी को फोन कर परिसर में एक युवक और युवती के मौजूद होने की सूचना दी थी। शिक्षिका ने बताया था कि स्कूल के एक कमरे में दोनों आपत्तिजनक गतिविधि में शामिल बताए जा रहे हैं।
सूचना मिलने के बाद किशोर गिरी बाइक से स्कूल पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने परिसर में मौजूद युवक से पूछताछ शुरू की। इसी दौरान मामला बढ़ गया। बताया जा रहा है कि पूछताछ कर रहे किशोर गिरी के सामने ही आरोपी युवक ने अपने कुछ अन्य साथियों को फोन कर मौके पर बुला लिया। इसके बाद घटनास्थल पर स्थिति अचानक बदल गई। युवक के सहयोगियों के पहुंचने के बाद वह वहां से भागने लगा। किशोर गिरी और स्थानीय ग्रामीणों ने उसे पकड़ने का प्रयास किया।
भागने के दौरान ताबड़तोड़ फायरिंग
बताया गया कि युवक को पकड़ने की कोशिश के दौरान बाइक सवार उसके सहयोगियों ने फायरिंग शुरू कर दी। गोलीबारी के दौरान एक गोली किशोर कुमार गिरी की कनपटी में जा लगी। गोली लगते ही किशोर गिरी गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। गोली चलाने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। अचानक हुई फायरिंग के कारण आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने घायल किशोर गिरी को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। उनकी हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना के पीएमसीएच रेफर कर दिया।
एसपी के निर्देश पर SIT का गठन
गोलीबारी की सूचना मिलते ही सिवान पुलिस सक्रिय हुई। एसपी भारत सोनी के निर्देश पर एसडीपीओ सदर-2 मैरवा और असांव थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने एसडीपीओ सदर-2 के नेतृत्व में विशेष जांच टीम का गठन किया है। SIT को घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच और आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई करने की जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी जुटा रही है, ताकि गोलीबारी की पूरी घटना का क्रम स्पष्ट किया जा सके।
FSL टीम ने घटनास्थल से जुटाए वैज्ञानिक साक्ष्य
घटना के बाद एफएसएल की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस के लिए घटनास्थल से मिलने वाले साक्ष्य महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इनके आधार पर गोलीबारी की परिस्थितियों और वारदात में इस्तेमाल हथियार से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। इसके साथ ही पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात में कितने लोग शामिल थे और गोली चलाने वाले व्यक्ति की पहचान कैसे की जा सकती है।
एक विधि-विरुद्ध बालक निरुद्ध
एसपी भारत सोनी के अनुसार, मामले में SIT ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक विधि-विरुद्ध बालक को निरुद्ध किया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और घटना में उसकी भूमिका से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। वहीं, अन्य संदिग्ध हमलावर अभी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। पुलिस घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से भी पूछताछ कर रही है। इसके अलावा घटना में इस्तेमाल किए गए हथियार की तलाश और उसकी पहचान के लिए भी कार्रवाई की जा रही है।
अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी
पुलिस के मुताबिक, घटना में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि वारदात से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। फिलहाल किशोर कुमार गिरी की हालत गंभीर बताई गई है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना पीएमसीएच रेफर किया गया है। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि मामले में एक विधि-विरुद्ध बालक को निरुद्ध किया जा चुका है और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है। घटना के पीछे स्कूल परिसर में हुई कथित गतिविधि और उसके बाद हुए विवाद की भूमिका की जांच भी की जा रही है। पुलिस की जांच और आगे सामने आने वाले साक्ष्यों से ही वारदात की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।