BNT Desk: बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह और उपसभापति प्रो. रामवचन राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह घटनाक्रम बिहार में नई सरकार के गठन के बाद संवैधानिक पदों के बंटवारे से जोड़कर देखा जा रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, विधान परिषद के सभापति पद को लेकर जनता दल यूनाइटेड की ओर से दावा किए जाने की चर्चा पहले से चल रही थी। बिहार विधान परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर हाल तक अवधेश नारायण सिंह को सभापति और प्रो. रामवचन राय को उपसभापति के रूप में दर्ज किया गया था।
अवधेश नारायण सिंह ने सभापति पद से दिया इस्तीफा
अवधेश नारायण सिंह भारतीय जनता पार्टी से जुड़े विधान परिषद सदस्य हैं और गया स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर उन्हें सभापति के रूप में दर्ज किया गया है। नई सरकार बनने के बाद एनडीए के भीतर संवैधानिक पदों के बंटवारे को लेकर बदलाव की चर्चा शुरू हुई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, विधान परिषद के सभापति पद पर जेडीयू की ओर से दावा किया जा रहा था। इसी क्रम में अवधेश नारायण सिंह के पद छोड़ने की बात सामने आई थी। अब उनके इस्तीफे के बाद विधान परिषद के सभापति पद पर नए चेहरे के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
रामवचन राय ने भी छोड़ा उपसभापति पद
विधान परिषद के उपसभापति प्रो. रामवचन राय ने भी अपने पद से इस्तीफा दिया है। रिपोर्टों में जेडीयू की ओर से उन्हें सभापति पद के संभावित दावेदारों में शामिल किए जाने की चर्चा रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि नए सभापति के रूप में अंतिम रूप से किस नाम का चयन किया जाएगा। इस संबंध में औपचारिक निर्णय और प्रक्रिया आगे स्पष्ट होगी।
संवैधानिक पदों के बंटवारे से जुड़ा बदलाव
विधान परिषद के सभापति पद में बदलाव को बिहार में नई सरकार के गठन के बाद एनडीए के भीतर पदों के बंटवारे से जोड़कर देखा जा रहा है। रिपोर्टों में बताया गया है कि सभापति की कुर्सी को लेकर बीजेपी और जेडीयू के बीच सहमति बनने की चर्चा थी। बिहार में विधान परिषद एक महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्था है और सभापति सदन की कार्यवाही के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में सभापति और उपसभापति दोनों पदों से इस्तीफे के बाद परिषद में नए पदाधिकारियों के चयन की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
नए सभापति के चयन पर नजर
अब मुख्य रूप से यह देखा जाएगा कि विधान परिषद के नए सभापति के रूप में किस सदस्य का चयन होता है। जेडीयू की ओर से कई नामों की चर्चा पहले से मीडिया रिपोर्टों में सामने आती रही है। इस्तीफे के बाद सदन की अगली प्रक्रिया के तहत नए सभापति और उपसभापति के चयन से संबंधित औपचारिक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल दोनों पदों पर बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बिहार विधान परिषद के आठ स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए चुनाव कार्यक्रम भी घोषित हो चुका है। इन सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना होनी है।