आरा: भरत तिवारी एनकाउंटर केस में बड़ी कार्रवाई, 11 आरोपियों के खिलाफ NBW जारी; भोजपुर SP को कोर्ट में पेश होने का आदेश

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BNT Desk: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में आरा CJM कोर्ट ने बड़ी कार्रवाई की है। कोर्ट ने मामले से जुड़े 11 आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है। साथ ही सभी आरोपियों को 12 अगस्त तक गिरफ्तार करने का निर्देश दिया गया है। कोर्ट ने भोजपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) को भी 12 अगस्त को अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया है। कोर्ट के इस आदेश के बाद मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज होने की संभावना है। भरत तिवारी की मौत के बाद से ही इस मामले को लेकर सवाल उठते रहे हैं। अब कोर्ट की ओर से 11 आरोपियों के खिलाफ NBW जारी किए जाने के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

 

तत्कालीन SDM, SDPO और थानाध्यक्ष समेत 11 पर वारंट

मामले में जिन लोगों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है, उनमें उस समय के कई पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं। इनमें तत्कालीन SDM संजीत कुमार, तत्कालीन SDPO राजेश कुमार शर्मा, तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार, दारोगा अंकित आर्यन, हरिश्चंद्र कुमार, STF जवान अक्षय कुमार, विकास कुमार और ASI रमाशंकर यादव समेत कुल 11 लोगों के नाम बताए गए हैं। वारंट जारी होने के बाद अब पुलिस के सामने सभी आरोपियों को तय समयसीमा के भीतर गिरफ्तार करने की चुनौती है।

 

12 अगस्त तक गिरफ्तारी का निर्देश

आरा CJM कोर्ट ने सभी 11 आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 12 अगस्त तक की समयसीमा तय की है। कोर्ट ने भोजपुर पुलिस को निर्देश दिया है कि इस अवधि के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। इसके साथ ही भोजपुर SP को 12 अगस्त को कोर्ट में उपस्थित होकर मामले से संबंधित कार्रवाई की जानकारी देने का आदेश दिया गया है। कोर्ट के इस आदेश के बाद पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी बढ़ गई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि तय समयसीमा के भीतर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी हो पाती है या नहीं।

 

अधिवक्ता ने दाखिल की थी NBW जारी करने की याचिका

भरत तिवारी मामले में अधिवक्ता संजीव कुमार ने आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने को लेकर आरा कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। अधिवक्ता की ओर से कोर्ट में मामले में अब तक हुई कार्रवाई, जांच रिपोर्ट और प्राथमिकी में नामजद आरोपियों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने की मांग भी की गई थी। बताया गया है कि प्राथमिकी में नामजद आरोपियों में जगदीशपुर के तत्कालीन SDPO राजेश कुमार शर्मा, शाहपुर थाना के तत्कालीन SHO राजेश मालाकार, STF जवान अक्षय कुमार, विकास कुमार, रविंदर, अंकित आर्यन, रामचंदर और हरिश्चंद्र समेत अन्य लोग शामिल हैं। इनमें STF जवान अक्षय कुमार की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है।

 

परिजनों ने एनकाउंटर पर उठाए थे सवाल

भरत तिवारी की मौत के बाद उसके परिजनों और समर्थकों ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए थे। परिवार की ओर से घटना की निष्पक्ष जांच और मामले में शामिल पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की मांग की गई थी। मामले को लेकर लंबे समय से न्यायिक प्रक्रिया चल रही है। अब कोर्ट की ओर से 11 आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए जाने के बाद जांच और कार्रवाई को लेकर एक नया मोड़ आया है। परिजनों और मामले से जुड़े लोगों की नजर अब आरोपियों की गिरफ्तारी और आगे होने वाली न्यायिक कार्रवाई पर है।

 

पुलिस पर बढ़ा गिरफ्तारी का दबाव

कोर्ट के आदेश के बाद भोजपुर पुलिस पर सभी आरोपियों को 12 अगस्त तक गिरफ्तार करने का दबाव बढ़ गया है। खास बात यह है कि कोर्ट ने भोजपुर SP को भी उसी दिन अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। ऐसे में पुलिस के सामने न केवल आरोपियों की गिरफ्तारी की चुनौती है, बल्कि कोर्ट में अब तक की कार्रवाई का विवरण प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी भी है। पुलिस अब आरोपियों के संभावित ठिकानों और उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटाकर गिरफ्तारी की कार्रवाई कर सकती है।

 

अब 12 अगस्त की सुनवाई पर टिकी नजर

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में कोर्ट के ताजा आदेश के बाद 12 अगस्त की तारीख महत्वपूर्ण हो गई है। इस दिन आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ भोजपुर SP की कोर्ट में मौजूदगी भी महत्वपूर्ण होगी। अब सभी की नजर इस बात पर है कि पुलिस तय समयसीमा में कितने आरोपियों को गिरफ्तार कर पाती है और कोर्ट के सामने मामले में अब तक हुई कार्रवाई की क्या रिपोर्ट पेश की जाती है। गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया दोनों पर लोगों की नजर बनी हुई है। आगे की कार्रवाई से यह भी स्पष्ट होगा कि मामले में जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और आरोपियों के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ती है।

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