भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद बढ़ा बवाल: परिवार के समर्थन में उतरे हजारों लोग, पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज

BiharNewsAuthor
5 Min Read

भोजपुर के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले ने अब बड़ा रूप ले लिया है। कभी गांव के लोगों के अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाले भरत तिवारी की मौत के बाद मामला बिहार की राजनीति से निकलकर देशभर में चर्चा का विषय बन गया है। समर्थक अब उन्हें “शहीद भरत तिवारी” के नाम से याद कर रहे हैं और लगातार न्याय की मांग उठा रहे हैं।

17 जून 2026 को हुई इस घटना के बाद से ही कई सवाल खड़े हो रहे हैं। परिवार का आरोप है कि भरत तिवारी को गलत तरीके से मुठभेड़ में मारा गया, जबकि पुलिस की ओर से अलग दावा किया गया था। अब बढ़ते दबाव के बीच इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुलिसकर्मियों के खिलाफ दर्ज हुई FIR

भरत तिवारी के परिजनों की शिकायत के आधार पर SDPO राजेश शर्मा, थानाध्यक्ष राजेश मालाकार समेत कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। वहीं परिवार के खिलाफ दर्ज की गई FIR को वापस ले लिया गया है।परिवार की ओर से दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि घटना वाले दिन पुलिस टीम भरत तिवारी को अपने साथ लेकर गई थी और बाद में उनकी मौत की खबर सामने आई।

भरत तिवारी के लिए जुटी हजारों की भीड़

बिलौटी गांव स्थित बाबा कुंडेश्वर नाथ महादेव मंदिर परिसर में भरत तिवारी के समर्थन में श्रद्धांजलि सभा और महापंचायत आयोजित की गई।

इसमें बिहार के अलावा झारखंड, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से भी लोगों के पहुंचने की बात कही जा रही है। मौके पर हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे और न्याय की मांग उठाई गई।लोगों ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

बाबा बागेश्वर भी करेंगे परिवार से मुलाकात

भरत तिवारी मामले में अब धार्मिक जगत से भी प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं। खबर है कि बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात करेंगे।बताया जा रहा है कि भरत तिवारी ने पहले बागेश्वर धाम की पैदल यात्रा भी की थी। बाबा बागेश्वर ने भी इस मामले में सवाल उठाए हैं।

गांव का नाम भरत तिवारी के नाम पर रखने की मांग

भरत तिवारी के समर्थन में अब ग्रामीणों ने गांव का नाम उनके नाम पर रखने की मांग शुरू कर दी है। जवैनिया गांव के विस्थापितों ने इसको लेकर बोर्ड भी लगाया है।ग्रामीणों का कहना है कि भरत तिवारी ने गरीबों और विस्थापितों के हक के लिए संघर्ष किया था, इसलिए उनका नाम हमेशा याद रखा जाना चाहिए।

पप्पू यादव और प्रशांत किशोर ने उठाए सवाल

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने भरत तिवारी के परिवार से मुलाकात कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

वहीं जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि सिर्फ कार्रवाई नहीं बल्कि उन परिस्थितियों की भी जांच होनी चाहिए, जिनके कारण यह घटना हुई।उन्होंने सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

सरकार ने कहा- दोषियों को नहीं बचाया जाएगा

बिहार सरकार के मंत्री रत्नेश सदा ने कहा कि सरकार मामले को गंभीरता से देख रही है। आरोपों की जांच की जा रही है और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।वहीं मंत्री अशोक चौधरी ने भी कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी।

अब जांच से खुलेगा सच

भरत तिवारी एनकाउंटर मामला अब सिर्फ एक घटना नहीं रह गया है। यह पुलिस कार्रवाई, न्याय और जवाबदेही को लेकर बड़ी बहस बन चुका है।परिवार न्याय की मांग कर रहा है और हजारों लोग उनके समर्थन में खड़े हैं। अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर है कि आखिर उस दिन क्या हुआ था और दोषी कौन है।

Share This Article