BNT Desk: राजधानी पटना स्थित 42 हार्डिंग रोड पर बने पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेजप्रताप यादव के सरकारी आवास पर चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है। इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। तेजप्रताप यादव ने इस चोरी के लिए अपने ही करीबी सहयोगी और निजी सहायक मोतीलाल राय पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
क्या-क्या हुआ चोरी?
प्राथमिकी के अनुसार, 22 जून को आवास की अलमारी से कीमती सामान और नकदी गायब मिली। चोरी हुए सामानों की सूची काफी लंबी है:
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नकदी: पार्टी फंड के लिए रखे गए 20 लाख रुपये नकद।
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जेवरात: 2 तोला सोने की चेन और एक सोने की अंगूठी।
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इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: 4 आईफोन प्रो मैक्स, एक मैकबुक लैपटॉप, एक लेनोवो लैपटॉप, एक आईपैड, चार पेन ड्राइव और दो हार्ड डिस्क।
पुलिस की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए तेजप्रताप यादव ने सचिवालय थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने आवास पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटनास्थल के साक्ष्यों को खंगाल रही है और इस मामले के हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। फिलहाल अभी तक किसी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं है, लेकिन पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
तेजप्रताप यादव के सरकारी आवास पर सुरक्षा और भरोसे को लेकर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि यह पहला मौका नहीं है। वर्ष 2022 में भी उनके आवास पर चोरी हुई थी, जिसमें उन्होंने अपने केयरटेकर चंदन पर सामान लेकर फरार होने का आरोप लगाया था।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
एक वीआईपी आवास में इस तरह की बार-बार होने वाली चोरियों ने सुरक्षा व्यवस्था और करीबी लोगों पर आंख मूंदकर भरोसा करने की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक गलियारों में इस हाई-प्रोफाइल मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। अब सबकी नजरें सचिवालय थाना पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं।