BNT Desk: बिहार के लाखों एलपीजी (LPG) गैस उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद जरूरी और काम की खबर है। अगर आपने अभी तक अपने गैस कनेक्शन का ई-केवाईसी (e-KYC) नहीं कराया है, तो आप भारी मुश्किल में पड़ सकते हैं। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने साफ कर दिया है कि तय समय सीमा के भीतर ई-केवाईसी न कराने वाले उपभोक्ताओं की गैस सब्सिडी रोकी जा सकती है। तेल कंपनियों ने सभी उपभोक्ताओं से बिना किसी देरी के इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने की अपील की है।
जून तक का है आखिरी मौका, लापरवाही पड़ेगी भारी
पेट्रोलियम कंपनियों की ओर से बिहार के गैस उपभोक्ताओं को ई-केवाईसी कराने के लिए जून महीने तक का अंतिम मौका दिया गया है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के महाप्रबंधक (एलपीजी) सौरभ चंद्रा ने इस संबंध में महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि तीनों सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) के बिहार में कुल उपभोक्ताओं में से अब तक केवल 65 प्रतिशत लोगों ने ही अपना ई-केवाईसी पूरा कराया है। इसका मतलब है कि अब भी करीब 35 फीसदी उपभोक्ता ऐसे हैं जिन्होंने यह जरूरी काम नहीं किया है। अगर वे जून के अंत तक प्रक्रिया पूरी नहीं करते हैं, तो जुलाई से उनके बैंक खाते में आने वाली सब्सिडी बंद हो सकती है।
क्यों अनिवार्य किया गया है ई-केवाईसी?
सरकार और तेल कंपनियों द्वारा ई-केवाईसी को अनिवार्य करने के पीछे कई मुख्य वजहें हैं। महाप्रबंधक ने स्पष्ट किया कि:
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पारदर्शिता लाना: एलपीजी वितरण प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाना।
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फर्जी कनेक्शनों पर रोक: देश और राज्य में चल रहे अवैध या फर्जी गैस कनेक्शनों की पहचान कर उन्हें ब्लॉक करना।
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सही लाभार्थी तक लाभ पहुंचाना: सरकार की सब्सिडी का पैसा सीधे और केवल वास्तविक उपभोक्ताओं तक ही पहुंचे, यह सुनिश्चित करना।
इस व्यवस्था के लागू होने से गैस की कालाबाजारी और एक ही नाम पर कई कनेक्शन लेने जैसी गड़बड़ियों पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सकेगी।
ई-केवाईसी कराने का क्या है तरीका?
गैस उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए तेल कंपनियों ने ई-केवाईसी कराने के कई आसान विकल्प दिए हैं। उपभोक्ता अपनी सुविधा के अनुसार नीचे दिए गए तरीकों को अपना सकते हैं:
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गैस एजेंसी जाकर (ऑफलाइन माध्यम):
उपभोक्ता अपने नजदीकी गैस डीलर या संबंधित गैस एजेंसी पर जा सकते हैं। वहां आपको अपना आधार कार्ड और गैस उपभोक्ता संख्या (Consumer Number) लेकर जाना होगा। एजेंसी पर बायोमेट्रिक (अंगूठे का निशान या आंख की पुतली को स्कैन करके) के जरिए ई-केवाईसी की प्रक्रिया तुरंत पूरी कर दी जाएगी।
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मोबाइल ऐप के जरिए (ऑनलाइन माध्यम):
अगर आप गैस एजेंसी की लाइनों से बचना चाहते हैं, तो घर बैठे भी यह काम कर सकते हैं। इसके लिए आपको अपने स्मार्टफोन में संबंधित गैस कंपनी का आधिकारिक ऐप (जैसे- IndianOil One, HP Pay या Hello BPCL) डाउनलोड करना होगा। इसके साथ ही आपको यूआईडीएआई (UIDAI) का ‘Aadhaar FaceRD’ ऐप भी इंस्टॉल करना होगा, जिससे चेहरे को स्कैन करके केवाईसी की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।
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आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से:
उपभोक्ता सीधे संबंधित तेल कंपनियों के आधिकारिक कस्टमर पोर्टल पर जाकर भी अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और आधार की मदद से ऑनलाइन ई-केवाईसी सबमिट कर सकते हैं।
अफवाहों से बचें, केवल अधिकृत स्रोतों पर करें भरोसा
बाजार में ई-केवाईसी को लेकर चल रही तरह-तरह की भ्रामक खबरों और अफवाहों पर अधिकारियों ने चिंता जताई है। महाप्रबंधक सौरभ चंद्रा ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। ई-केवाईसी के लिए किसी भी अनधिकृत व्यक्ति या फर्जी लिंक पर अपनी गोपनीय जानकारी साझा न करें। किसी भी प्रकार की शंका या भ्रम की स्थिति में सीधे अपनी ऑथोराइज्ड (अधिकृत) गैस एजेंसी से संपर्क करें और सही जानकारी प्राप्त करें।
बिहार के कई जिलों में गैस किल्लत से बढ़ी परेशानी
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब पिछले कुछ दिनों के दौरान बिहार के कई जिलों से एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत और कालाबाजारी की खबरें सामने आ रही थीं। वैशाली, छपरा (सारण), खगड़िया, किशनगंज सहित कई अन्य जिलों में उपभोक्ताओं को आसानी से गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे थे और गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही थीं।
ऐसी संकटपूर्ण स्थिति में यदि उपभोक्ताओं की सब्सिडी भी रुक जाती है, तो आम आदमी की जेब पर इसका सीधा और भारी बोझ पड़ेगा। यही वजह है कि गैस कंपनियां और जिला प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे समय रहते अपनी ई-केवाईसी की प्रक्रिया को हर हाल में पूरा कर लें, ताकि भविष्य में उन्हें किसी भी प्रकार की मानसिक या आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।