BNT Desk: राजधानी पटना के गोपालपुर थाना क्षेत्र में पुलिस और अपराधियों के बीच हुई एक साहसिक मुठभेड़ में कानून व्यवस्था को बड़ी सफलता हाथ लगी है। कुछ दिनों पहले पटना के व्यस्त इलाके में दिनदहाड़े सीएमएस (CMS) सिक्योरिटी कंपनी की एक कैश वैन को रोककर, हथियार के बल पर 27 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट को अंजाम दिया गया था। इस वारदात ने न सिर्फ राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे, बल्कि आम जनता और व्यापारियों के बीच भी दहशत का माहौल पैदा कर दिया था। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) पटना ने तुरंत एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया था। एसटीएफ और लोकल पुलिस की यह टीम लगातार अपराधियों के सुराग तलाशने में जुटी हुई थी। इसी बीच पुलिस को एक बेहद सटीक मुखबिर से सूचना मिली कि इस पूरे लूट कांड का मुख्य मास्टरमाइंड अपने गिरोह के कुछ अन्य खतरनाक सदस्यों के साथ गोपालपुर के ही एक सुनसान और छिपे हुए ठिकाने पर इकट्ठा हुआ है, जहाँ वे अगली किसी बड़ी साजिश या रकम के बंटवारे की योजना बना रहे थे।
पुलिस घेराबंदी और अपराधियों की फायरिंग
सूचना मिलते ही पटना पुलिस की विशेष विंग और एसटीएफ (STF) के जवानों ने बिना कोई वक्त गंवाए बताए गए ठिकाने की चारों तरफ से घेराबंदी शुरू कर दी। पुलिस ने खुद को सुरक्षित करते हुए अपराधियों को सरेंडर यानी आत्मसमर्पण करने की साफ चेतावनी दी। पुलिस की आवाज सुनते ही अपराधियों में खलबली मच गई, लेकिन खुद को चारों तरफ से घिरा पाकर उन्होंने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस टीम पर ही सीधे अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अपराधियों की तरफ से अचानक हुई इस गोलीबारी से एक बार तो इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस कर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और आत्मरक्षार्थ (अपनी रक्षा में) जवाबी कार्रवाई शुरू की। दोनों तरफ से कई राउंड गोलियां चलीं, जिससे पूरा इलाका गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा।
एनकाउंटर में मुख्य आरोपी ढेर होने से बचा
इस भीषण मुठभेड़ (Encounter) के दौरान पुलिस की एक गोली सीधे मुख्य आरोपी के पैर में जा लगी। गोली लगते ही वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा और उसका हथियार दूर जा गिरा। पैर में गोली लगने के कारण वह मौके से भागने में पूरी तरह असमर्थ हो गया। अपने मुख्य सरगना और मास्टरमाइंड को इस तरह घायल और बेबस होते देख, गिरोह के बाकी अपराधियों के हौसले पूरी तरह पस्त हो गए। पुलिस ने इसका फायदा उठाया और अत्यंत मुस्तैदी दिखाते हुए घेराबंदी तंग कर दी। मौके पर मौजूद पुलिस के जवानों ने बाकी के चार अन्य खतरनाक अपराधियों को भी दबोच लिया और उन्हें जमीन पर लेटने पर मजबूर कर दिया। इस तरह पुलिस ने बिना किसी अतिरिक्त जान-माल के नुकसान के पूरे गिरोह को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।
अस्पताल में इलाज और आगे की कार्रवाई
मुठभेड़ खत्म होने के तुरंत बाद पुलिस ने घायल मुख्य अपराधी को अपनी कस्टडी में लिया और इलाज के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच नालंदा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (NMCH) में भर्ती कराया। अस्पताल के डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, अपराधी के पैर से गोली निकाल दी गई है और फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। अस्पताल के बाहर और वार्ड के चारों तरफ भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो। वहीं, मौके से गिरफ्तार किए गए अन्य चार अपराधियों को पुलिस किसी गुप्त और सुरक्षित स्थान पर ले गई है, जहाँ उनसे वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।
लूटी गई रकम और हथियारों की बरामदगी
पटना पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार किए गए इन शातिर बदमाशों के पास से गोपालपुर लूट कांड की 27 लाख रुपये की राशि का एक बहुत बड़ा हिस्सा बरामद कर लिया गया है। इसके साथ ही वारदात में इस्तेमाल किए गए कई अवैध आधुनिक हथियार, जिंदा कारतूस और कुछ मोटरसाइकिलें भी जब्त की गई हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में कई अन्य चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है। यह गिरोह पहले भी कई अन्य लूट और डकैती की घटनाओं में शामिल रहा है। इस सफल एनकाउंटर के बाद पटना पुलिस ने राहत की सांस ली है और स्थानीय व्यापारियों ने भी पुलिस की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई की सराहना की है। पुलिस अब गिरोह के अन्य मददगारों और छिपाई गई बाकी रकम का पता लगाने के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।