पूर्वी चंपारण: रक्सौल एयरपोर्ट के नवनिर्माण का टेंडर जारी, 1200 करोड़ से बदलेगी तस्वीर

BiharNewsAuthor
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BNT Desk: बिहार के सीमावर्ती क्षेत्र के विकास की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर स्थापित होने जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा की है कि रक्सौल हवाई अड्डे के पुनर्निर्माण के लिए आधिकारिक तौर पर टेंडर जारी कर दिया गया है। करीब 1200 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से न केवल हवाई यात्रा सुगम होगी, बल्कि सीमावर्ती इलाकों की अर्थव्यवस्था को भी नई पंख लगेंगे।

एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर

परियोजना के पहले चरण में इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी सेवाओं के लिए टेंडर निकाला गया है। इसके तहत हवाई अड्डे के मुख्य बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा, जिसमें शामिल हैं:

  • रनवे: विमानों के उतरने और उड़ान भरने की मुख्य पट्टी।

  • एप्रन और टैक्सीवे: विमानों की पार्किंग और आवाजाही के लिए विशेष मार्ग।

  • एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर: सुरक्षा और तकनीकी संचालन से जुड़े निर्माण कार्य।

‘डबल इंजन’ सरकार और पीएम मोदी का आभार

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की “डबल इंजन सरकार” के संकल्प के कारण ही बिहार विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। यह प्रोजेक्ट चंपारण क्षेत्र को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा।

रक्षा और व्यापार के लिहाज से सामरिक महत्व

रक्सौल एयरपोर्ट का पुनर्निर्माण केवल नागरिक उड्डयन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके सामरिक मायने भी हैं:

  • फाइटर जेट की लैंडिंग: नए निर्माण के बाद रनवे की लंबाई बढ़कर 2360 मीटर हो जाएगी। इससे यहाँ बड़े कमर्शियल विमानों के साथ-साथ भारतीय वायुसेना के फाइटर जेट्स भी लैंड कर सकेंगे।

  • नेपाल सीमा पर लाभ: नेपाल सीमा से सटे होने के कारण यहाँ से व्यापार और पर्यटन को भारी बढ़ावा मिलेगा।

भूमि अधिग्रहण और बजट का प्रावधान

इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए सरकार ने तैयारी पूरी कर ली है:

  • भूमि: परियोजना के लिए 139 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

  • फंड: राज्य सरकार ने भूमि अधिग्रहण और शुरुआती कार्यों के लिए 208 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है।

  • कुल लागत: पूरी परियोजना पर लगभग 1200 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को मिलेगी गति

सम्राट चौधरी ने जोर देकर कहा कि इस हवाई अड्डे के चालू होने से चंपारण के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। नेपाल से आने वाले पर्यटकों और व्यापारियों के लिए रक्सौल एक प्रमुख गेटवे बनेगा, जिससे स्थानीय बाजारों और होटल इंडस्ट्री को जबरदस्त फायदा होगा।

रक्सौल हवाई अड्डे का नवनिर्माण बिहार के सीमावर्ती जिलों के लिए एक गेम-चेंजर साबित होने वाला है। बेहतर कनेक्टिविटी से न केवल आम आदमी का सफर आसान होगा, बल्कि यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर व्यापारिक केंद्र के रूप में उभरेगा। टेंडर जारी होने के साथ ही चंपारण की जनता का दशकों पुराना सपना अब सच होने के करीब है।

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