BNT Desk: बाहुबली पूर्व विधायक अनंत सिंह ने गोपालगंज के मीरगंज में दर्ज हुई प्राथमिकी (FIR) और वायरल वीडियो मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे गलत बताया है। साथ ही, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के संभावित शपथ ग्रहण को लेकर भी बड़ी प्रतिक्रिया दी है।
“हथियार लहराने वाले से मेरा कोई लेना-देना नहीं”
गोपालगंज के सेमराव में हुए कार्यक्रम को लेकर अनंत सिंह ने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी भी कानून का उल्लंघन नहीं किया है।
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सफाई: उन्होंने कहा कि जब वे कार्यक्रम में पहुंचे थे, उस समय यदि कोई व्यक्ति राइफल लेकर नाच-गा रहा था, तो उससे उनका कोई संबंध नहीं है।
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कानून का पालन: अनंत सिंह का तर्क है कि वे एक अतिथि के रूप में वहां गए थे और उन्होंने स्वयं कोई गलत काम या हथियारों का प्रदर्शन नहीं किया।
स्थानीय पुलिस और एसपी पर उठाए सवाल
अनंत सिंह ने इस मामले में पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए हैं।
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एसपी की जिम्मेदारी: उन्होंने कहा कि अगर कहीं जाने पर पाबंदी है, तो स्थानीय एसपी को स्पष्ट आदेश जारी करना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “यदि एसपी कहते कि वहां नहीं जाना है, तो मैं बिल्कुल नहीं जाता।”
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पुलिस की मौजूदगी: पूर्व विधायक ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि जिस वक्त वह कार्यक्रम में मौजूद थे, वहां पुलिस भी तैनात थी। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर वहां कानून का उल्लंघन हो रहा था, तो मौके पर मौजूद पुलिस ने कार्रवाई क्यों नहीं की?
निशांत कुमार के मंत्री बनने पर बोले- ‘दिखेगा खून का असर’
नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के मंत्री बनने की चर्चाओं पर अनंत सिंह ने बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
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खुशी का इजहार: उन्होंने कहा कि निशांत का राजनीति में आना और मंत्री बनना बहुत खुशी की बात है।
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नीतीश की विरासत: अनंत सिंह ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि निशांत पर “खून का असर” दिखेगा। उनका मानना है कि निशांत अपने पिता नीतीश कुमार के दिखाए रास्ते पर चलेंगे और बिहार के विकास के लिए बेहतर काम करेंगे।
क्या है पूरा विवाद?
बता दें कि 2 और 3 अप्रैल को गोपालगंज के मीरगंज में एक उपनयन संस्कार के दौरान अश्लील डांस और खुलेआम हथियार लहराने का वीडियो वायरल हुआ था। इसमें मुख्य अतिथि के तौर पर अनंत सिंह मौजूद थे। इसी आधार पर स्थानीय एसपी के निर्देश पर उनके और अन्य लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।
अनंत सिंह के इस बयान ने अब गेंद पुलिस के पाले में डाल दी है। पुलिस की मौजूदगी वाली बात कहकर उन्होंने प्रशासन को भी कटघरे में खड़ा किया है। दूसरी तरफ, निशांत कुमार का समर्थन कर उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति अपनी वफादारी और नजदीकी का भी संकेत दिया है। अब देखना यह है कि गोपालगंज पुलिस इन तर्कों के बाद क्या कदम उठाती है।