BNT Desk: बिहार की सियासत में ‘अपराध’ और ‘सुशासन’ को लेकर बहस कभी पुरानी नहीं होती। हाल ही में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा राज्य में ‘स्मार्ट अपराधियों’ के सक्रिय होने के बयान पर राजनीति गरमा गई है। इस बयान का करारा जवाब देते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव ने तेजस्वी यादव और विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि बिहार में अपराधियों के दिन लद चुके हैं और अब राज्य में कानून का इकबाल बुलंद है।
“अपराधी अब बिल में घुस गए हैं”
रामकृपाल यादव ने तेजस्वी यादव के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि जब से सम्राट चौधरी ने कमान संभाली है और नीतीश कुमार के साथ मिलकर सरकार चल रही है, अपराधी खौफ में हैं। उन्होंने कहा, “आज अपराधी या तो जेल में हैं या डर के मारे अपने बिलों में छिप गए हैं। बिहार में अब वह दौर नहीं रहा जब अपराधियों को सत्ता का संरक्षण मिलता था।”
तेजस्वी पर पलटवार
तेजस्वी यादव द्वारा सरकार को घेरने पर रामकृपाल यादव ने पुराने दिनों की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि तेजस्वी जब अपराधियों के ‘स्मार्ट’ होने की बात करते हैं, तो शायद वे अपने उस दौर की बात कर रहे होंगे जब राज्य में जंगलराज का साया था। रामकृपाल ने तंज कसते हुए कहा, “जब उनका (तेजस्वी का) राज-पाठ था, तब अपराधी कैसे बेखौफ घूमते थे, यह पूरा बिहार जानता है। वे आज की तुलना उस समय से कर रहे हैं, जो पूरी तरह गलत है।”
सुशासन और जीरो टॉलरेंस की नीति
रामकृपाल यादव ने वर्तमान सरकार की प्राथमिकताओं को गिनाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिस सुशासन की नींव रखी थी, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा उसे पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।
-
पहली प्राथमिकता: सरकार की पहली प्राथमिकता कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखना है।
-
जीरो टॉलरेंस: भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई गई है।
-
अमन-चैन का संकल्प: रामकृपाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो कोई भी बिहार के अमन-चैन को बिगाड़ने की कोशिश करेगा, उसे पुलिस और प्रशासन की तरफ से कड़ा और मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
ममता बनर्जी पर भी साधा निशाना
बिहार की राजनीति के साथ-साथ रामकृपाल यादव ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी तंज कसा। बंगाल चुनाव के अंतिम दौर के बीच उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को अपनी हार का आभास हो गया है। उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी अब बुरी तरह हार गई हैं। जब हार सामने दिखती है, तो हताशा में इंसान क्या करेगा? वह अब बस अपनी सत्ता बचाने की नाकाम कोशिशों में जुटी हैं।”
सुशासन का दावा और विपक्ष के सवाल
रामकृपाल यादव के इस बयान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा कानून व्यवस्था के मुद्दे पर बैकफुट पर जाने को तैयार नहीं है। जहाँ विपक्ष (तेजस्वी यादव) अपराध की घटनाओं को ‘स्मार्ट अपराधियों’ का नया पैटर्न बता रहा है, वहीं सरकार इसे अपराधियों की हताशा और सुशासन की जीत बता रही है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार के ये दावे जमीन पर कितने असरदार साबित होते हैं।