बिहार: दिल्ली से लौटते ही एक्शन मोड में सम्राट चौधरी, आज शाम बड़े फैसलों की उम्मीद

BiharNewsAuthor
4 Min Read

BNT Desk: बिहार के नवनियुक्त मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दिल्ली के अपने महत्वपूर्ण दौरे से वापस लौट आए हैं और लौटते ही वे पूरी तरह ‘एक्शन मोड’ में नजर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद, मुख्यमंत्री ने आज यानी बुधवार शाम 6 बजे कैबिनेट की एक बेहद अहम बैठक बुलाई है।

राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को लेकर चर्चाएं तेज हैं, क्योंकि इसे महज एक औपचारिक बैठक नहीं बल्कि बिहार की नई सरकार की दिशा तय करने वाला कदम माना जा रहा है।

दिल्ली दौरा: पीएम मोदी से मिला ‘विज़न’ और ‘ग्रीन सिग्नल’

दिल्ली दौरे के दौरान सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्हें ‘विकसित भारत और समृद्ध बिहार’ के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री का बहुमूल्य मार्गदर्शन मिला है।

जानकारों का मानना है कि यह मुलाकात सिर्फ शिष्टाचार तक सीमित नहीं थी। मुख्यमंत्री ने बिहार के विकास और आगामी राजनीतिक चुनौतियों को लेकर केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा की है। इस कैबिनेट बैठक को दिल्ली से मिले उसी ‘ग्रीन सिग्नल’ के क्रियान्वयन के तौर पर देखा जा रहा है।

तीन दिग्गजों के हाथ में कमान: पावर बैलेंस की परीक्षा

वर्तमान में बिहार सरकार का स्वरूप थोड़ा अलग है। अभी तक मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं हुआ है, जिसके कारण सरकार के सभी महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी मुख्य रूप से तीन नेताओं के कंधों पर है:

  • सम्राट चौधरी (मुख्यमंत्री)

  • विजय कुमार चौधरी (उपमुख्यमंत्री)

  • बिजेंद्र प्रसाद यादव (वरिष्ठ मंत्री)

आज शाम होने वाली बैठक में ये तीनों नेता मौजूद रहेंगे। चूंकि विभाग अभी इन्हीं के पास केंद्रित हैं, इसलिए आज के फैसले यह साफ कर देंगे कि सरकार के भीतर ‘पावर बैलेंस’ कैसा है और आने वाले दिनों में किन क्षेत्रों (जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य या इंफ्रास्ट्रक्चर) को प्राथमिकता दी जाएगी।

विश्वासमत (Floor Test) से पहले मास्टरस्ट्रोक की तैयारी

सम्राट चौधरी को 24 अप्रैल को होने वाले विशेष विधानसभा सत्र में अपना बहुमत साबित करना है। विश्वासमत (Confidence Motion) से ठीक दो दिन पहले कैबिनेट की यह बैठक एक सोची-समझी ‘मैसेज पॉलिटिक्स’ का हिस्सा मानी जा रही है।

सरकार चाहती है कि सदन में जाने से पहले जनता के बीच यह संदेश जाए कि नई सरकार काम करने के लिए पूरी तरह तैयार है। संभावना जताई जा रही है कि कैबिनेट में युवाओं, किसानों या सरकारी कर्मचारियों के लिए कुछ बड़े और लोकप्रिय फैसलों पर मुहर लग सकती है ताकि सरकार राजनीतिक बढ़त हासिल कर सके।

सियासी हलचल तेज: सर्वदलीय बैठक भी आज

एक तरफ जहां शाम 6 बजे कैबिनेट की बैठक है, वहीं दूसरी ओर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने भी आज शाम 5 बजे एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है। विधानसभा सत्र के सुचारू संचालन के लिए बुलाई गई इस बैठक ने बिहार की सियासी हलचल को और बढ़ा दिया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं।

सरकार और संगठन के बीच तालमेल

सम्राट चौधरी ने दिल्ली में न केवल सरकार के स्तर पर, बल्कि भाजपा के राष्ट्रीय संगठन के नेताओं से भी मुलाकात की। इस दौरे का एक मुख्य उद्देश्य सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बिठाना था। भाजपा नेतृत्व चाहता है कि बिहार में सरकार के फैसले और पार्टी की विचारधारा एक ही दिशा में आगे बढ़ें, ताकि आगामी चुनावों में इसका लाभ मिल सके।

Share This Article