गया: विजय चौधरी की गोली मारकर हत्या, एंबुलेंस में शव छोड़कर भागे हत्यारे

BiharNewsAuthor
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BNT Desk: बिहार के गया जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। एक कथित जन्मदिन की पार्टी, जो खुशियों के लिए आयोजित की गई थी, वह चीख-पुकार और मौत के मातम में बदल गई। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के गौरा गांव में 40 वर्षीय विजय चौधरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से पूरे इलाके में दहशत व्याप्त है और पुलिस आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

पार्टी के बहाने घर से बुलाया, फिर उतारा मौत के घाट

मृतक विजय चौधरी गया के चंदौती थाना क्षेत्र के रहने वाले थे। परिजनों के अनुसार, बुधवार को कुछ लोगों ने उन्हें जन्मदिन की पार्टी के बहाने घर से बुलाया था। मुख्य आरोपी आकाश यादव अपने पांच अन्य साथियों के साथ विजय को गौरा गांव लेकर गया।

शुरुआती जांच और चश्मदीदों के बयानों से पता चला है कि पार्टी में शराब का दौर चल रहा था। नशे की हालत में वहां मौजूद लोगों के बीच किसी पुरानी बात या अचानक पैदा हुए विवाद को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते गाली-गलौज हिंसक झड़प में बदल गई और इसी दौरान अपराधियों ने विजय चौधरी को करीब से गोली मार दी।

एंबुलेंस में तड़पता छोड़ भागे आरोपित: संवेदनहीनता की हद

गोली लगने के बाद विजय खून से लथपथ होकर वहीं गिर पड़े। वारदात के बाद मौके पर भगदड़ मच गई। पकड़े जाने के डर से आरोपितों ने एक शातिर चाल चली। उन्होंने एक एंबुलेंस बुलाई और दिखावा किया कि वे विजय को बेहतर इलाज के लिए पटना ले जा रहे हैं।

लेकिन, विजय चौधरी की किस्मत ने साथ नहीं दिया और रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। जैसे ही आरोपितों को एहसास हुआ कि विजय की मौत हो चुकी है, उनकी क्रूरता सामने आ गई। वे शव को एंबुलेंस में ही लावारिस छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। एंबुलेंस चालक ने जब देखा कि मरीज की मौत हो चुकी है और उसे लाने वाले लोग गायब हैं, तो उसने तुरंत विजय के परिजनों को फोन पर इसकी सूचना दी।

परिजनों में कोहराम, दो थानों की पुलिस कर रही जांच

जब एंबुलेंस विजय का शव लेकर उनके पैतृक गांव दाराचक पहुंची, तो वहां चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की जटिलता को देखते हुए मुफस्सिल और चंदौती दोनों थानों की पुलिस संयुक्त रूप से जांच कर रही है।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल (ANMMCH) भेज दिया है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल (FSL) टीम की भी मदद ली जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि गोली किस हथियार से और कितनी दूरी से चलाई गई थी।

पुलिस की कार्रवाई: दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा

वजीरगंज के एसडीपीओ सुनील कुमार पांडे ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस को गोलीबारी और हत्या की सूचना देर रात मिली थी। उन्होंने कहा:

“विजय चौधरी की मौत गोली लगने से हुई है। पुलिस हर तकनीकी और जमीनी एंगल से जांच कर रही है। कुछ संदिग्धों की पहचान कर ली गई है और आकाश यादव सहित अन्य नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है। कानून अपना काम करेगा और दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी।”

उठते सवाल: अपराध और शराबबंदी की हकीकत

इस घटना ने गया ही नहीं बल्कि पूरे बिहार में बढ़ते अपराध और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  1. शराबबंदी की पोल: घटना में शराब के सेवन की बात सामने आना राज्य में लागू शराबबंदी के दावों पर सवाल उठाती है।

  2. पार्टी के नाम पर हिंसा: सार्वजनिक या निजी आयोजनों में हथियारों का प्रदर्शन और छोटी बातों पर हत्याएं पुलिस के खौफ की कमी को दर्शाती हैं।

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