छपरा में ‘नशीला तरबूज’: फल के अंदर छिपाकर हो रही थी शराब की तस्करी, वीडियो वायरल

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BNT Desk: बिहार में शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है, लेकिन शराब माफिया हर दिन तस्करी के नए और अजीबो-गरीब तरीके ईजाद कर रहे हैं। ताजा मामला छपरा के एक्मा थाना क्षेत्र का है, जहाँ पुलिस ने एक ट्रक को जब्त किया है जिसमें ऊपर से तो तरबूज और नमक दिख रहा था, लेकिन उसके अंदर शराब का बड़ा जखीरा छिपाया गया था।

तरबूज बना ‘नशे का कैप्सूल’

गर्मी के मौसम में तरबूज की मांग हर जगह होती है। माफियाओं ने इसी का फायदा उठाने की कोशिश की। उन्होंने बड़े-बड़े तरबूजों को बीच से इस तरह खोखला किया या उनके बीच जगह बनाई कि उसमें शराब की बोतलें और टेट्रा पैक आसानी से फिट हो सकें। बाहर से देखने पर यह किसी को भी तरबूज की सामान्य खेप लग सकती थी, लेकिन हकीकत में यह बिहार में सप्लाई होने वाली अवैध शराब थी।

नमक की बोरियों के नीचे ‘डबल लेयर’ सुरक्षा

तस्करों ने केवल तरबूज पर भरोसा नहीं किया, बल्कि पुलिस को चकमा देने के लिए ‘डबल लेयर’ प्लानिंग की थी। ट्रक में तरबूजों के साथ-साथ नमक की बोरियां भी लदी हुई थीं। माफियाओं का मानना था कि नमक की बोरियों के बीच शराब की गंध भी दब जाएगी और चेकिंग के दौरान पुलिस केवल ऊपर के सामान को देखकर ट्रक को जाने देगी।

गुप्त सूचना पर ‘माने ढाला’ के पास बिछाया गया जाल

एक्मा पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक ट्रक में अवैध सामान की बड़ी खेप उत्तर प्रदेश के रास्ते बिहार में प्रवेश करने वाली है। सूचना के आधार पर पुलिस की एक विशेष टीम ने माने ढाला इलाके में घेराबंदी की। जैसे ही संदिग्ध ट्रक वहां पहुँचा, पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया। ट्रक चालक ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे खदेड़कर पकड़ लिया।

चेकिंग के दौरान खुला राज

जब पुलिस ने ट्रक की तलाशी शुरू की, तो पहले उन्हें सिर्फ नमक की बोरियां और तरबूज दिखाई दिए। लेकिन जब गहराई से जांच की गई और बोरियों को हटाया गया, तो नीचे शराब की पेटियां बरामद हुईं। कई तरबूजों के अंदर भी शराब की बोतलें छिपाई गई थीं। पुलिस ने तुरंत पूरी खेप को जब्त कर लिया और ट्रक को थाने ले आई।

वैशाली का तस्कर गिरफ्तार

इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

  • पहचान: सचिन कुमार।

  • पता: महुआ, जिला वैशाली।

  • भूमिका: सचिन इस खेप को ठिकाने लगाने और डिलीवरी पॉइंट तक पहुँचाने की जिम्मेदारी संभाल रहा था।

पुलिस की जांच और माफियाओं का नेटवर्क

सारण पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी सचिन से कड़ी पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शराब की यह खेप कहाँ से लाई गई थी और बिहार के किन-किन जिलों में इसकी सप्लाई होनी थी। आशंका जताई जा रही है कि इसके पीछे एक बड़ा अंतरराज्यीय गिरोह (Inter-state gang) काम कर रहा है जो फल और सब्जी की गाड़ियों का इस्तेमाल तस्करी के लिए करता है।

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