अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला श्रीनिवास गिरफ्तार, पटना पुलिस भी करेगी पूछताछ

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BNT Desk: देशभर की अदालतों, शिक्षण संस्थानों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल भेजकर दहशत फैलाने वाले मुख्य आरोपी श्रीनिवास लुइस को दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को कर्नाटक के मैसूर (मैसूरु) से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी ने अब तक करीब 1500 से अधिक धमकी भरे ईमेल भेजे हैं।

1500 ईमेल और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन

आरोपी श्रीनिवास के पास से बरामद लैपटॉप और मोबाइल की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। उसने न केवल भारत की दिल्ली हाई कोर्ट और जिला अदालतों को निशाना बनाया, बल्कि उसकी सनक की आंच सीमा पार तक भी पहुंची। जांच में पाया गया है कि उसने पाकिस्तान के सिंध और बलूचिस्तान की अदालतों को भी इसी तरह के धमकी भरे ईमेल भेजे थे।

पटना पुलिस की सक्रियता: क्या है ‘पटना कनेक्शन’?

बिहार की राजधानी पटना में भी पिछले एक साल के दौरान पटना सिविल कोर्ट को 7 बार बम से उड़ाने की धमकियाँ मिली थीं। श्रीनिवास की गिरफ्तारी के बाद पटना पुलिस अलर्ट मोड पर है। एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने बताया कि एक विशेष टीम को दिल्ली भेजा गया है। यह टीम दिल्ली साइबर सेल के साथ मिलकर यह पता लगाएगी कि पटना कोर्ट को भेजे गए ईमेल में श्रीनिवास का हाथ है या नहीं।

हालांकि, शुरुआती तकनीकी जांच में एक पेच फंसता नजर आ रहा है। दिल्ली और अन्य राज्यों को भेजे गए ईमेल के आईपी एड्रेस (IP Address) की तुलना में पटना वाले मामले का आईपी एड्रेस अलग पाया गया है। इसी संदेह को दूर करने के लिए पटना पुलिस की टीम आरोपी से पूछताछ कर सकती है।

क्यों और कैसे हुई गिरफ्तारी?

1. वीपीएन (VPN) का इस्तेमाल न करना पड़ा भारी

आरोपी श्रीनिवास काफी समय से पुलिस को चकमा दे रहा था, लेकिन वह एक तकनीकी गलती कर बैठा। आमतौर पर साइबर अपराधी अपनी पहचान छुपाने के लिए VPN (Virtual Private Network) का उपयोग करते हैं, लेकिन कुछ ईमेल भेजने के दौरान उसने इसका उपयोग नहीं किया, जिससे पुलिस उसके असली लोकेशन (मैसूर) तक पहुँचने में सफल रही।

2. बेरोजगारी और डिग्री न मिलना बना कारण?

पुलिस सूत्रों के अनुसार, श्रीनिवास मानसिक रूप से काफी हताश था। बताया जा रहा है कि कानून (Law) की डिग्री न मिल पाने या लंबे समय तक बेरोजगार रहने के कारण वह गहरे अवसाद और गुस्से में था। इसी निराशा ने उसे ‘साइबर आतंकी’ बना दिया और उसने व्यवस्था को चुनौती देने के लिए अदालतों को निशाना बनाना शुरू किया।

3. पटना पुलिस की पिछली नाकामियां

पटना सिविल कोर्ट को मिली धमकियों की जांच में पुलिस की टीम पहले भी कई राज्यों के चक्कर काट चुकी है। इससे पहले पटना पुलिस की एक टीम चेन्नई और राजस्थान के जैसलमेर भी गई थी। कई दिनों तक चली छापेमारी और पूछताछ के बावजूद पुलिस के हाथ कोई ठोस सबूत नहीं लगा था। अब श्रीनिवास की गिरफ्तारी से इस मामले में नई उम्मीद जगी है।

आगे की कार्रवाई

फिलहाल दिल्ली पुलिस श्रीनिवास के उपकरणों की फोरेंसिक जांच कर रही है ताकि हर एक ईमेल का रिकॉर्ड निकाला जा सके। पटना पुलिस की विशेष टीम दिल्ली पहुंचकर उन ईमेल के डेटा का मिलान करेगी जो बिहार में भेजे गए थे। यदि कनेक्शन पुख्ता होता है, तो पटना पुलिस उसे रिमांड पर लेकर बिहार भी ला सकती है।

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