BNT Desk: बिहार के औरंगाबाद जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। हसपुरा थाना क्षेत्र में एक कलयुगी चाचा ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए अपने ही तीन मासूम भतीजे-भतीजियों की निर्मम हत्या कर दी। आरोपी ने इस जघन्य अपराध को अंजाम देने के लिए बिजली से चलने वाले ‘कटर मशीन’ का इस्तेमाल किया और पकड़े जाने के डर से खुद का भी गला रेतकर आत्महत्या का प्रयास किया।
इस तिहरे हत्याकांड ने न केवल परिवार को तबाह कर दिया है, बल्कि पूरे इलाके में दहशत और सन्नाटे का माहौल पैदा कर दिया है।
घर का दरवाजा खुलने में हुई देरी और मच गई तबाही
मिली जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार सुबह की है। आरोपी अमंत पाल सुबह बाइक पर सवार होकर कहीं बाहर गया था। जब वह घर लौटा, तो उसने दरवाजा खटखटाया। उस वक्त घर में उसकी भाभी अनीता देवी मौजूद थीं, जो बाथरूम में नहा रही थीं। इस कारण दरवाजा खोलने में कुछ मिनटों की देरी हो गई।
चश्मदीदों और पुलिस के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, महज इतनी सी बात पर अमंत इस कदर आगबबूला हो गया कि उसने खौफनाक साजिश रच डाली। जैसे ही दरवाजा खुला, वह घर के भीतर दाखिल हुआ और सीधे उस कमरे में गया जहाँ बच्चे मौजूद थे।
तेज संगीत के शोर में दब गई मासूमों की चीखें
आरोपी ने वारदात को अंजाम देने से पहले घर में मौजूद स्पीकर को फुल साउंड (तेज आवाज) में बजा दिया। इसके पीछे की मंशा यह थी कि जब वह बच्चों पर हमला करे, तो उनकी चीख-पुकार बाहर किसी को सुनाई न दे। इसके बाद उसने बिजली से चलने वाली कटर मशीन उठाई और एक-एक कर अपने तीनों मासूम भतीजे-भतीजियों का गला रेत दिया।
मृतक बच्चों की पहचान गुड्डू पाल के बच्चों के रूप में हुई है:
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अनीश कुमार (10 वर्ष)
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आयुष कुमार (7 वर्ष)
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अनुष्का कुमारी (5 वर्ष)
कमरे का नजारा इतना खौफनाक था कि देखने वालों के पैर कांप गए। तीनों बच्चों के शव एक साथ खून से लथपथ पड़े थे और पूरे कमरे में चारों ओर खून बिखरा हुआ था।
हत्या के बाद खुद का भी गला रेता
तीनों बच्चों की जान लेने के बाद आरोपी अमंत पाल ने उसी कटर मशीन से अपना भी गला काट लिया। जब परिवार के अन्य सदस्य और पड़ोसी कमरे में पहुंचे, तो वहां का दृश्य देखकर सन्न रह गए। तीनों बच्चों की मौत हो चुकी थी, लेकिन अमंत की सांसें चल रही थीं। ग्रामीणों ने तुरंत एंबुलेंस को सूचना दी और उसे स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। हालत बेहद नाजुक होने के कारण डॉक्टरों ने उसे प्राथमिक उपचार के बाद पटना (PMCH) रेफर कर दिया है, जहाँ वह जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है।
ट्रेन में काम करते हैं बच्चों के पिता
इस त्रासदी का सबसे दुखद पहलू यह है कि बच्चों के पिता गुड्डू पाल घटना के समय घर पर नहीं थे। वे रेलवे की पैंट्री कार में खाना बनाने का काम करते हैं और ड्यूटी पर बाहर गए हुए थे। घर के चिराग बुझने की खबर जब उन तक पहुंची, तो परिवार में कोहराम मच गया। मां अनीता देवी का रो-रोकर बुरा हाल है और वह बार-बार बेहोश हो रही हैं।
पुलिस जांच और अनसुलझे सवाल
हसपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की छानबीन में जुट गई है। पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या महज दरवाजा खोलने में हुई देरी ही इस हत्याकांड की वजह थी, या इसके पीछे कोई पुरानी रंजिश या मानसिक बीमारी है? ग्रामीणों का कहना है कि अमंत की अभी शादी नहीं हुई थी, लेकिन उसका व्यवहार पहले कभी इतना हिंसक नहीं देखा गया था।
पुलिस ने कटर मशीन और स्पीकर को जब्त कर लिया है और फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। आरोपी के होश में आने के बाद ही इस नरसंहार की असली वजह साफ हो पाएगी।