चिराग पासवान ने चाचा पशुपति कुमार पारस का छुआ पैर, मिला आशीर्वाद — खगड़िया में भावुक हुए केंद्रीय मंत्री

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बिहार की राजनीति में लंबे समय से चाचा-भतीजे के बीच चली आ रही तनातनी के बीच खगड़िया से एक भावुक और सुखद तस्वीर सामने आई है। केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान अपने पैतृक गांव पहुंचे जहां उनकी मुलाकात चाचा और पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस से हुई। चिराग ने चाचा के पैर छुए और आशीर्वाद लिया, जिसके बाद दोनों के बीच करीब पांच मिनट तक बातचीत भी हुई।


दिवंगत चाचा अर्जुन पासवान को श्रद्धांजलि देने पहुंचे चिराग

चिराग पासवान खगड़िया जिले के अलौली प्रखंड के शहर बनी स्थित अपने पैतृक आवास पर हाल ही में दिवंगत हुए चाचा अर्जुन पासवान को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। यह उनकी एक पारिवारिक और भावनात्मक यात्रा थी। परिवार के शोक में शामिल होने के लिए केंद्रीय मंत्री ने यह दौरा किया और दिवंगत चाचा को अपनी भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।


बड़ी मां राजकुमारी देवी से मिले, गले लगकर रो पड़े

पैतृक आवास पहुंचने के बाद चिराग पासवान ने सबसे पहले अपनी बड़ी मां राजकुमारी देवी के पैर छुए और उनसे आशीर्वाद लिया। इस भावुक मुलाकात में चिराग अपनी बड़ी मां से गले लगकर रो पड़े। परिवार के दुख में शामिल होते हुए उन्होंने बड़ी मां का हालचाल पूछा और उनके साथ कुछ वक्त बिताया। यह दृश्य वहां मौजूद सभी लोगों के लिए बेहद भावुक करने वाला था।


चाचा पशुपति कुमार पारस से ऐतिहासिक मुलाकात

इस पूरे दौरे की सबसे बड़ी और चर्चित बात यह रही कि पैतृक आवास पर पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस भी मौजूद थे। राजनीतिक रूप से अलग हो चुके चाचा-भतीजे एक बार फिर आमने-सामने हुए। चिराग पासवान ने बिना किसी हिचकिचाहट के अपने चाचा पशुपति कुमार पारस के पैर छुए और आशीर्वाद लिया।

पारस ने भी भतीजे को स्नेह के साथ आशीर्वाद दिया और कहा — “खुश रहो।” इसके बाद दोनों के बीच करीब पांच मिनट तक आपस में बातचीत भी हुई। हालांकि दोनों के बीच क्या बातें हुईं, यह सार्वजनिक नहीं हो सका, लेकिन इस मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में खासी चर्चा जरूर छेड़ दी है।


छोटे भाई प्रिंश राज से भी मिले, लगाए नारे

पशुपति कुमार पारस से मुलाकात के बाद चिराग पासवान ने अपने छोटे भाई प्रिंश राज से भी मुलाकात की। दोनों भाइयों ने एक-दूसरे को गले लगाया और साथ मिलकर नारे भी लगाए। यह दृश्य परिवार के आपसी प्रेम और एकजुटता को दर्शाता था।


राजनीतिक मायने

बिहार की राजनीति में चिराग पासवान और पशुपति कुमार पारस के बीच लंबे समय से दूरियां रही हैं। लोक जनशक्ति पार्टी में हुई टूट के बाद दोनों अलग-अलग राजनीतिक राहों पर चलते रहे हैं। ऐसे में इस पारिवारिक मौके पर दोनों की मुलाकात और चिराग द्वारा पैर छूकर आशीर्वाद लेने की घटना को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है। हालांकि यह अवसर पूरी तरह पारिवारिक था, फिर भी इस मुलाकात ने कई राजनीतिक अटकलों को जन्म दे दिया है।

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