BNT Desk: अभी दो दिन पूर्व ही बिहार के नवमनोनीत मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी जिलों के डीएम और एसपी के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की थी। इस बैठक में सीएम ने स्पष्ट लहजे में कहा था कि दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध करने वालों को माला पहनाने की नहीं, बल्कि उनकी तस्वीर पर माला चढ़ाने की जरूरत है, यानी उनके खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई हो जो नजीर बने। लेकिन मुख्यमंत्री के इस कड़े अल्टीमेटम का बिहार के मनचलों पर कोई असर होता नहीं दिख रहा है। ताजा मामला सहरसा जिले से सामने आया है, जहां एक शादी समारोह की खुशियां उस वक्त मातम और आक्रोश में बदल गईं, जब एक युवक ने रंगेहाथों महिला के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया।
चचेरे भतीजे की शादी में आई थी पीड़िता
घटना सहरसा के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत पटुआहा वार्ड नंबर 21 की है। जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला (उम्र लगभग 50 वर्ष) मूल रूप से जिले के महिषी की निवासी हैं। वह अपने चचेरे भतीजे की शादी में शामिल होने के लिए पटुआहा आई हुई थीं। शादी के घर में उत्सव का माहौल था, लेकिन अगली सुबह एक ऐसी घटना घटी जिसने सबको झकझोर कर रख दिया।
अंधेरे का फायदा उठाकर दरिंदगी की कोशिश
बताया जाता है कि जिस समय यह घटना हुई, उस वक्त घर के अधिकतर पुरुष सदस्य बारात गए हुए थे। सुबह के समय जब महिला ‘मॉर्निंग वॉक’ के लिए निकलीं, तभी पड़ोस में किराए के मकान में रहने वाले शैंपू सिंह नामक युवक की नीयत बिगड़ गई। आरोपी ने महिला को अकेला पाकर जबरन खींच लिया और उनके साथ दुष्कर्म करने का प्रयास करने लगा।
शोर मचाने पर दौड़े ग्रामीण, आरोपी रंगेहाथ पकड़ाया
अपनी अस्मत पर संकट देख महिला ने हिम्मत नहीं हारी और शोर मचाना शुरू कर दिया। महिला की चीखें सुनकर आसपास के ग्रामीण और परिजन तुरंत मौके पर पहुंच गए। लोगों ने आरोपी शैंपू सिंह को रंगेहाथ दबोच लिया। लोगों का गुस्सा इस कदर था कि उन्होंने पहले आरोपी को एक कमरे में बंद कर दिया और तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी।
पुलिस को निकालनी पड़ी पिस्टल
सदर थाना पुलिस जैसे ही मौके पर पहुंची, स्थिति तनावपूर्ण हो गई। आक्रोशित ग्रामीणों की भारी भीड़ वहां जमा हो गई और उन्होंने आरोपी की जमकर कुटाई कर दी। लोग इतने गुस्से में थे कि वे आरोपी को पुलिस की गिरफ्त से छुड़ाकर खुद सजा देना चाहते थे। स्थिति को अनियंत्रित होता देख और आरोपी को सुरक्षित निकालने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। माहौल इतना बिगड़ गया कि अंततः पुलिस को पिस्टल निकालकर भीड़ को पीछे हटाना पड़ा, तब जाकर आरोपी को सुरक्षित थाने ले जाया जा सका।
पुलिसिया कार्रवाई और प्रशासन का रुख
वर्तमान में आरोपी पुलिस की हिरासत में है और मामले की गहन जांच की जा रही है। सहरसा के एसडीपीओ (SDPO) आलोक कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस घटना के बाद पूरे पटुआहा इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है। लोग आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में कोई ऐसी हिम्मत न कर सके।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
यह घटना दर्शाती है कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा आज भी एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बावजूद अपराधियों में कानून का भय कम होना चिंताजनक है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस इस मामले में कितनी तेजी से चार्जशीट दाखिल कर आरोपी को सजा दिला पाती है।