BNT Desk: कटिहार के सालमारी थाना क्षेत्र के हरलगा गांव में 12 साल की एक नाबालिग बच्ची पर केमिकल जैसा पदार्थ फेंके जाने की घटना से हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि बच्ची रात के समय अपने घर में सो रही थी। इसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने खिड़की के रास्ते उसके ऊपर कोई केमिकल जैसा पदार्थ फेंक दिया। पदार्थ के संपर्क में आने के बाद बच्ची के चेहरे और शरीर में तेज जलन होने लगी। जलन और तकलीफ के कारण बच्ची ने शोर मचाया, जिसके बाद परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए।
घटना के बाद बच्ची के परिजनों ने अज्ञात व्यक्ति पर हमला करने की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी। परिवार का कहना है कि जिस तरह से खिड़की के रास्ते पदार्थ फेंका गया, उससे उन्हें किसी साजिश की आशंका है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बच्ची पर वास्तव में एसिड फेंका गया था या कोई दूसरा केमिकल या पदार्थ। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फोरेंसिक टीम की मदद से पदार्थ की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
रात में कमरे में सो रही थी बच्ची
बताया गया कि घटना उस समय हुई जब बच्ची अपने घर के कमरे में सो रही थी। रात में अचानक खिड़की की तरफ से कोई पदार्थ उसके ऊपर आकर गिरा। कुछ ही देर में बच्ची को चेहरे पर तेज जलन महसूस हुई। इसके बाद उसने शोर मचाकर परिवार के लोगों को जानकारी दी। बच्ची की आवाज सुनकर परिजन तुरंत कमरे में पहुंचे। बच्ची की हालत देखकर परिवार के लोग घबरा गए। उन्होंने बिना देर किए उसे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस को भी सूचना दी गई। परिजनों के मुताबिक, बच्ची के चेहरे और शरीर के कुछ हिस्सों में जलन की शिकायत सामने आई है। घटना के बाद से परिवार में डर का माहौल है और वे आरोपी की पहचान कर उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
खिड़की के रास्ते पदार्थ फेंके जाने की बात
परिवार की ओर से बताया गया है कि अज्ञात व्यक्ति ने घर की खिड़की के रास्ते बच्ची पर केमिकल जैसा पदार्थ फेंका। इसी वजह से परिजनों को आशंका है कि यह कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि बच्ची को निशाना बनाकर किया गया हमला हो सकता है। हालांकि पुलिस जांच के बिना यह कहना जल्दबाजी होगी कि घटना के पीछे कौन था और इसका उद्देश्य क्या था। पुलिस अब घटनास्थल की परिस्थितियों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि घर की खिड़की किस दिशा में है और बाहर से किसी व्यक्ति के वहां तक पहुंचने की संभावना कितनी है।
एसिड अटैक की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं
इस मामले में सबसे अहम बात यह है कि फिलहाल पुलिस की ओर से एसिड अटैक की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। बच्ची पर फेंका गया पदार्थ वास्तव में एसिड था या कोई अन्य केमिकल, इसका पता जांच के बाद ही चल सकेगा। इसी वजह से पुलिस मामले को फिलहाल सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर देख रही है। घटना में इस्तेमाल पदार्थ का नमूना जांच के लिए लिया जा सकता है। फोरेंसिक जांच से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि बच्ची पर कौन सा पदार्थ फेंका गया था और उससे किस तरह की प्रतिक्रिया हुई।
फोरेंसिक टीम की मदद से जांच शुरू
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए फोरेंसिक टीम की भी मदद ली जा रही है। जांच टीम घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाने की कोशिश कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के समय घर के आसपास कौन-कौन लोग मौजूद थे। साथ ही आसपास की गतिविधियों और संभावित सुरागों की भी जांच की जा रही है। अगर आसपास CCTV कैमरे मौजूद हैं, तो उनकी फुटेज भी जांच का हिस्सा हो सकती है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बच्ची को निशाना बनाने की कोई वजह थी या घटना किसी अन्य कारण से हुई। फिलहाल घटना के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं है।
आरोपी की पहचान की मांग
घटना के बाद बच्ची के परिवार ने पुलिस से आरोपी की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का कहना है कि बच्ची घर के अंदर सो रही थी और ऐसे में खिड़की के रास्ते किसी पदार्थ का फेंका जाना उनके लिए चिंता का विषय है। परिवार चाहता है कि पुलिस जल्द से जल्द पूरे मामले की सच्चाई सामने लाए और अगर किसी व्यक्ति ने जानबूझकर बच्ची को निशाना बनाया है तो उसकी पहचान कर कार्रवाई की जाए।
जांच पूरी होने के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। बच्ची के साथ हुई घटना में किस पदार्थ का इस्तेमाल हुआ, वह व्यक्ति कौन था और घटना के पीछे क्या वजह थी, इन सभी सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे। एसिड अटैक की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल इसे केमिकल जैसे पदार्थ से हमला किए जाने की आशंका के तौर पर देखा जा रहा है। फोरेंसिक रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बच्ची पर वास्तव में कौन सा पदार्थ फेंका गया था। नाबालिग बच्ची से जुड़ी इस घटना की जानकारी सामने आने के बाद हरलगा गांव और आसपास के इलाके में भी चिंता का माहौल है। परिवार बच्ची के इलाज और सुरक्षा को लेकर चिंतित है, जबकि पुलिस मामले की पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए जांच में जुटी हुई है।