BNT Desk: बिहार के जहानाबाद जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ नेशनल हाईवे-22 (NH-22) पर स्थित एक टोल प्लाजा रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। टेहटा थाना क्षेत्र के सेरथुआ टोल प्लाजा पर स्थानीय ग्रामीणों और टोल कर्मियों के बीच जमकर मारपीट और हिंसा हुई। विवाद इस कदर बढ़ गया कि टोल प्लाजा पर तैनात सुरक्षा गार्ड ने आपा खो दिया और अपनी बंदूक से फायरिंग कर दी। इस गोलीबारी में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
कैसे शुरू हुई झड़प?
घटना की जड़ में एक मामूली विवाद था जिसने कुछ ही मिनटों में हिंसक रूप ले लिया। जानकारी के अनुसार, पास के उमराईबिगहा गांव से एक बारात निकल रही थी। बारात में शामिल युवक डीजे की धुन पर नाचते-गाते हुए टोल प्लाजा के पास पहुँचे थे।
वहां मौजूद टोल कर्मियों ने संभवतः डीजे या रास्ता रोकने को लेकर आपत्ति जताई। इसी बात को लेकर बारातियों और टोल कर्मियों के बीच कहा-सुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच लात-घूंसे चलने लगे। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इसी हंगामे के बीच टोल कर्मियों के निजी गार्ड ने अपनी बंदूक निकाली और सीधे फायरिंग कर दी।
गोलीबारी में दो घायल, अस्पताल में मची अफरा-तफरी
इस हिंसक झड़प में कुल तीन लोग जख्मी हुए हैं, जिनमें से दो को गोली के छर्रे लगे हैं। घायलों की पहचान इस प्रकार है:
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विकास कुमार (निवासी उमराईबिगहा): गोली लगने से गंभीर रूप से घायल।
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रोहित कुमार (निवासी उमराईबिगहा): गोली लगने से घायल।
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आदित्य कुमार: मारपीट और धक्का-मुक्की में चोटिल।
घटना के तुरंत बाद बारात में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में तीनों घायलों को जहानाबाद सदर अस्पताल लाया गया। अस्पताल के डॉक्टरों ने पुष्टि की है कि दो युवकों को गोली के छर्रे लगे हैं और उनका उपचार जारी है। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई: एएसपी और भारी बल मौके पर
जैसे ही घटना की सूचना प्रशासन को मिली, जहानाबाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एएसपी मनोज कुमार पांडेय, सदर एसडीपीओ मनीष चंद्र चौधरी और घोसी एसडीपीओ संजीव कुमार भारी पुलिस बल के साथ सेरथुआ टोल प्लाजा पर पहुँचे।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए निम्नलिखित कदम उठाए हैं:
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बंदूक जब्त: फायरिंग में इस्तेमाल की गई गार्ड की लाइसेंसी बंदूक को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।
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छापेमारी: पुलिस ने घटना के बाद उमराईबिगहा गांव और टोल प्लाजा के आसपास के इलाकों में छापेमारी की ताकि अन्य उपद्रवियों को पकड़ा जा सके।
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सुरक्षा व्यवस्था: इलाके में फिर से हिंसा न भड़के, इसके लिए टोल प्लाजा पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
पुराना है विवादों का इतिहास
एएसपी मनोज कुमार पांडेय ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि सेरथुआ टोल कर्मियों और स्थानीय ग्रामीणों के बीच पहले भी कई बार छोटे-बड़े विवाद हो चुके हैं। स्थानीय लोग अक्सर टोल टैक्स या स्थानीय गाड़ियों के आने-जाने को लेकर कर्मियों से उलझते रहे हैं। हालांकि, आज की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
एएसपी ने कहा, “फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। हम सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।”