BNT Desk: बिहार के जमुई जिले में अपराधियों के दुस्साहस की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। सोमवार सुबह टाउन थाना क्षेत्र के खैरमा यादव टोला में एक कुख्यात अपराधी को पकड़ने गई पुलिस टीम पर अपराधियों और उनके समर्थकों ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में दो सब-इंस्पेक्टर (SI) समेत तीन पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
सादे लिबास में छापेमारी और अचानक हमला
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक दर्जन से अधिक संगीन मामलों में फरार चल रहा कुख्यात अपराधी ढेबू यादव (45 वर्ष) खैरमा इलाके में मौजूद है। अपराधी को भनक न लगे, इसलिए टाउन थाना की टीम सादे लिबास में छापेमारी करने पहुंची थी।
जैसे ही पुलिस ने घेराबंदी शुरू की, ढेबू यादव और उसके समर्थकों ने पुलिस टीम को अपराधी समझकर या जानबूझकर घेर लिया और लाठी-डंडों व पत्थरों से हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले में पुलिस को संभलने का मौका नहीं मिला।
घायल पुलिसकर्मियों और आरोपी का अस्पताल में इलाज
हमले में टाउन थाना के तीन जवान बुरी तरह घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया:
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सुनील कुमार (50 वर्ष) – एसआई
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विक्रम कुमार – एसआई
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रणवीर कुमार (25 वर्ष) – सिपाही
इस संघर्ष में मुख्य आरोपी ढेबू यादव भी घायल हुआ है। सदर अस्पताल के डॉक्टर मनीष कुमार ने बताया कि पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मारपीट में कुल चार लोग घायल होकर अस्पताल आए हैं। फिलहाल सभी की हालत खतरे से बाहर है और उनका उपचार जारी है।
एसडीपीओ का बयान: एक दर्जन मामलों का आरोपी है ढेबू
घटना की सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ सतीश सुमन अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि ढेबू यादव कोई साधारण अपराधी नहीं है। उस पर:
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हत्या और हत्या के प्रयास के मामले।
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रेलवे में लूट और मारपीट के संगीन केस।
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लगभग एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
एसडीपीओ ने कहा कि पुलिस टीम पर हमला करना कानून को सीधी चुनौती है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ढेबू यादव समेत कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी की सफाई: “पहचान नहीं पाया कि वे पुलिसवाले हैं”
गिरफ्तारी के बाद आरोपी ढेबू यादव ने अजीबोगरीब सफाई दी है। उसका कहना है कि पुलिसकर्मी सादे लिबास में थे, इसलिए वह उन्हें पहचान नहीं सका। उसने दावा किया कि उसे लगा कि कुछ ‘अज्ञात अपराधी’ उस पर हमला करने आए हैं, इसलिए उसने आत्मरक्षा में अपने लोगों के साथ पलटवार किया। उसने कहा, “अगर मुझे पता होता कि वे पुलिसवाले हैं, तो मैं ऐसा कभी नहीं करता।” हालांकि, पुलिस इस दावे को गिरफ्तारी से बचने का एक बहाना मान रही है।
इलाके में भारी तनाव और पुलिस का लाठीचार्ज
हमले की खबर फैलते ही खैरमा यादव टोला में तनाव व्याप्त हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तीन से चार थानों की पुलिस फोर्स मौके पर बुलाई गई। आक्रोशित भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज भी करना पड़ा, जिसमें कुछ स्थानीय लोगों को हल्की चोटें आई हैं। फिलहाल पूरे इलाके में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।