BNT Desk: अक्टूबर की शुरुआत के साथ कई ऐसे नियम और प्रक्रियाएं लागू हो गई हैं, जिनका असर बिहार और खासकर पटना के लोगों पर पड़ सकता है। घरेलू LPG सिलेंडर की सब्सिडी, बैंक खातों से नकद निकासी, बड़ी रकम की FD, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, आयकर रिटर्न, UPI भुगतान और रेलवे टिकट जांच से जुड़े नियमों में बदलाव या नई प्रक्रियाएं लागू की गई हैं। इनमें कुछ बदलाव सीधे आम उपभोक्ताओं से जुड़े हैं, जबकि कुछ का असर खास तौर पर बैंक ग्राहकों, टैक्स ऑडिट कराने वाले कारोबारियों, निवेशकों और संपत्ति खरीदारों पर पड़ेगा। ऐसे में अक्टूबर में लागू नियमों की जानकारी रखना जरूरी है, ताकि किसी तरह की परेशानी या अतिरिक्त शुल्क से बचा जा सके।
LPG सब्सिडी के लिए आधार बायोमेट्रिक जरूरी
सब्सिडी वाले घरेलू LPG रिफिल का लाभ लेने वाले उन उपभोक्ताओं को आधार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण कराना होगा, जिन्होंने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है। जिन उपभोक्ताओं का आधार प्रमाणीकरण पहले ही हो चुका है, उन्हें दोबारा यह प्रक्रिया कराने की जरूरत नहीं होगी। बिहार में बड़ी संख्या में परिवार घरेलू LPG का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में सब्सिडी का लाभ लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए यह नियम महत्वपूर्ण है। जिन लोगों ने अभी तक आधार बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें संबंधित LPG वितरक के माध्यम से इसकी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
3 करोड़ रुपये से ज्यादा की FD पर ब्याज दर वेबसाइट पर
बैंकों में बड़ी रकम जमा करने वाले ग्राहकों के लिए भी अक्टूबर से जुड़े प्रावधान महत्वपूर्ण हैं। 3 करोड़ रुपये से अधिक की बल्क डिपॉजिट यानी बड़ी जमा राशि पर बैंकों को ब्याज दरों की जानकारी अपनी वेबसाइट पर उपलब्ध करानी होगी। समान तारीख और समान राशि की जमा के लिए शाखा स्तर पर ब्याज दरों में एकरूपता रखने का प्रावधान भी किया गया है। इसका सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा, जो बड़ी रकम को FD या अन्य बल्क डिपॉजिट के रूप में बैंक में रखते हैं। ऐसे ग्राहक अब बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध ब्याज दरों की जानकारी देखकर अपनी जमा राशि से जुड़े विकल्पों को समझ सकते हैं।
जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र में देरी पर बढ़ेगी प्रक्रिया
जन्म या मृत्यु का पंजीकरण सामान्य तौर पर 21 दिनों के भीतर कराया जाना चाहिए। निर्धारित अवधि के बाद पंजीकरण कराने पर देरी की अवधि के आधार पर अतिरिक्त दस्तावेज और सक्षम अधिकारी की मंजूरी की जरूरत पड़ सकती है। जितनी अधिक देरी होगी, प्रक्रिया उतनी ही औपचारिक हो सकती है। कुछ मामलों में उच्च स्तर की प्रशासनिक या न्यायिक मंजूरी की आवश्यकता भी हो सकती है। इसलिए बिहार में जन्म या मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने वाले परिवारों के लिए समय पर पंजीकरण कराना जरूरी है। इससे बाद में अतिरिक्त दस्तावेज जुटाने और अनुमति लेने जैसी प्रक्रिया से बचा जा सकता है।
SBI के BSBD खातों में चार नकद निकासी मुफ्त
भारतीय स्टेट बैंक यानी SBI के Basic Savings Bank Deposit (BSBD) खाताधारकों के लिए नकद निकासी से जुड़ा नियम भी ध्यान देने योग्य है। BSBD खाताधारकों को निर्धारित अवधि में चार नकद निकासी तक शुल्क नहीं देना होगा। इसके बाद की नकद निकासी पर बैंक द्वारा निर्धारित शुल्क लागू होगा। डिजिटल लेनदेन इस शुल्क व्यवस्था से अलग रहेंगे। ऐसे में जिन ग्राहकों को बार-बार बैंक खाते से नकद राशि निकालने की जरूरत पड़ती है, उन्हें मुफ्त निकासी की सीमा का ध्यान रखना होगा।
SBI Salary Account में ATM इस्तेमाल की सीमा बदली
SBI के Salary Package Account ग्राहकों के लिए दूसरे बैंकों के ATM से मुफ्त लेनदेन की सीमा भी महत्वपूर्ण है। अब दूसरे बैंक के ATM से हर महीने पांच मुफ्त लेनदेन की सीमा होगी। पहले यह सीमा 10 मुफ्त लेनदेन तक थी। इसलिए जो ग्राहक नियमित रूप से दूसरे बैंक के ATM से पैसे निकालते हैं, उन्हें अब मुफ्त लेनदेन की संख्या पर नजर रखनी होगी। निर्धारित सीमा पार होने के बाद लागू शुल्क देना पड़ सकता है।
NRI से प्रॉपर्टी खरीदने पर TDS प्रक्रिया बदली
NRI से संपत्ति खरीदने वाले निवासी व्यक्ति और HUF यानी हिंदू अविभाजित परिवार के लिए TDS से जुड़ी प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। पैन आधारित रिपोर्टिंग व्यवस्था को आसान बनाया गया है और फॉर्म 141 में नया Schedule E जोड़ा गया है। इसका असर उन लोगों पर पड़ेगा जो विदेश में रहने वाले भारतीय यानी NRI से संपत्ति खरीद रहे हैं। बिहार के ऐसे संपत्ति खरीदारों को नई प्रक्रिया के अनुसार TDS से जुड़े अनुपालन और दस्तावेजों की जानकारी रखनी होगी।
NPS और NPS Lite के शुल्क ढांचे में बदलाव
नेशनल पेंशन सिस्टम यानी NPS और NPS Lite में Point of Presence यानी POP के शुल्क ढांचे में भी बदलाव लागू होगा। इसका असर संबंधित खाताधारकों से लिए जाने वाले सेवा शुल्क पर पड़ सकता है। NPS में निवेश करने वाले लोगों को अपने खाते में लागू शुल्क और सेवा संबंधी जानकारी की जांच कर लेनी चाहिए।
टैक्स ऑडिट वाले करदाताओं को मिला अतिरिक्त समय
टैक्स ऑडिट कराने वाले करदाताओं के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा में भी बदलाव किया गया है। टैक्स ऑडिट वाले करदाताओं के लिए ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 21 नवंबर 2026 कर दी गई है। वहीं टैक्स ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की अंतिम तारीख 30 सितंबर से बढ़ाकर 21 अक्टूबर 2026 कर दी गई है। इस बदलाव से टैक्स ऑडिट के दायरे में आने वाले कारोबारियों और अन्य करदाताओं को रिटर्न दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।
2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ UPI Merchant Payments पर MDR
15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के कुछ UPI Merchant Transactions पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होने की बात कही गई है। यह शुल्क ग्राहक से नहीं, बल्कि संबंधित मर्चेंट से लिया जाएगा। सामान्य व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P UPI भुगतान पर यह शुल्क लागू नहीं होगा। इसका मतलब है कि आम ग्राहकों के सामान्य UPI ट्रांजैक्शन पर इस बदलाव का सीधा शुल्क नहीं पड़ेगा। हालांकि, व्यापारियों को अपने UPI भुगतान के प्रकार और लागू शुल्क की जानकारी रखनी होगी।
रेलवे चलाएगा एक महीने का विशेष टिकट जांच अभियान
रेलवे की ओर से 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक विशेष टिकट जांच अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान रियायती टिकट, आरक्षण कोटा, रेलवे पास और समूह टिकटों की जांच पर विशेष जोर रहेगा। पटना जंक्शन, दानापुर, राजेंद्र नगर टर्मिनल, गया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर समेत बिहार के प्रमुख स्टेशनों से यात्रा करने वाले यात्रियों को वैध टिकट के साथ जरूरी पहचान पत्र रखना चाहिए। खास तौर पर रियायती टिकट या विशेष कोटे के तहत यात्रा करने वाले यात्रियों को अपने दस्तावेज साथ रखने चाहिए, ताकि जांच के दौरान परेशानी न हो।
पटना-बिहार के लोगों को किन नियमों पर देना होगा ध्यान
अक्टूबर में लागू होने वाले इन नियमों का असर अलग-अलग वर्ग के लोगों पर अलग तरीके से पड़ेगा। LPG सब्सिडी लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए आधार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण महत्वपूर्ण है। बैंक ग्राहकों को नकद निकासी और ATM की मुफ्त सीमा का ध्यान रखना होगा। वहीं बड़ी रकम FD में रखने वाले ग्राहकों को बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध ब्याज दरों की जानकारी देखनी चाहिए। जन्म और मृत्यु का पंजीकरण समय पर कराने से अतिरिक्त औपचारिकताओं से बचा जा सकता है।
टैक्स ऑडिट वाले कारोबारियों और करदाताओं को बदली हुई ITR और टैक्स ऑडिट रिपोर्ट की तारीख याद रखनी होगी। NRI से संपत्ति खरीदने वालों को TDS की नई प्रक्रिया समझनी होगी। रेल यात्रियों के लिए अक्टूबर में विशेष टिकट जांच अभियान चलाया जाएगा, इसलिए यात्रा के दौरान वैध टिकट और जरूरी पहचान पत्र साथ रखना जरूरी होगा। कुल मिलाकर अक्टूबर के ये बदलाव आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ बैंक ग्राहकों, कारोबारियों, निवेशकों, करदाताओं और यात्रियों के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।